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महाकौशल एक्सप्रेस में सफर कर रहे सराफा व्यापारी के पास मिले 1.05 करोड़ रुपये

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1.05 crore rupees found with a bullion trader traveling in Mahakaushal Express
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झांसी। आरपीएफ क्राइम ब्रांच की टीम ने मंगलवार रात महाकौशल एक्सप्रेस के एस वन कोच में सवार बांदा निवासी एक व्यापारी को एक करोड़ पांच लाख चौसठ हजार रुपये की नकदी के साथ पकड़ लिया। व्यापारी दो पिट्ठू बैगों में दो हजार और पांच सौ के नोटों की गड्डियां रखकर ले जा रहा था। व्यापारी नकदी से संबंधित कोई प्रपत्र नहीं दिखा सका। आरपीएफ की सूचना पर थाने पहुंची आयकर विभाग की टीम व्यापारी से दिन भर पूछताछ करती रही। आयकर टीम ने देर शाम कानपुर कार्यालय से आदेश मिलने पर नकदी को जब्त कर व्यापारी को हिरासत में ले लिया।
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बांदा के शंकर नगर निवासी विनय कुमार सोनी पुत्र मोतीलाल सोनी सराफा व्यापारी हैं। वह व्यापार के सिलसिले में अक्सर ग्वालियर, इंदौर व अन्य शहरों में जाते रहते हैं। मंगलवार रात वह महाकौशल एक्सप्रेस के एस वन कोच में बांदा से ग्वालियर के लिए सफर कर रहे थे। उनका टिकट वेटिंग में था। इस कारण वह कोच के दरवाजे के पास ही टीटीई की सात नंबर सीट पर बैठे थे। उन्होंने अपने साथ अपने हेल्पर का भी टिकट बनवा रखा था, लेकिन वह साथ नहीं आया। ट्रेन के झांसी आने के पूर्व आरपीएफ क्राइम ब्रांच टीम के निरीक्षक एसएन पाटीदार को सूचना मिली कि महाकौशल एक्सप्रेस के एस वन कोच में सवार एक व्यक्ति भारी नकदी के साथ सफर कर रहा है। ट्रेन के रात 3.30 बजे झांसी स्टेशन आने पर क्राइम ब्रांच के साथ आरपीएफ थाना स्टेशन व जीआरपी की संयुक्त टीम मौके पर पहुंच गई।
व्यापारी देखने में बेहद साधारण दिखाई दे रहा था। इस कारण आरपीएफ काफी देर तक संशय में बनी रही कि वह पूछताछ करे कि नहीं। लेकिन जब व्यापारी के बर्थ के नीचे रखे उनके दो पिट्ठू बैगों की खोलकर देखा गया तोे सभी अवाक रह गए। बैगों में दो हजार व पांच सौ रुपये के नोटों की गड्डियां ठसाठस भरी थी। व्यापारी को थाने लाया गया। गिनती करने पर बैगों में एक करोड़ पांच लाख चौसठ हजार रुपये रखे पाए गए। आरपीएफ की सूचना पर आयकर विभाग के सहायक निदेशक (जांच) डीएम पानवलकर, निरीक्षक प्रदीप सिंह व कार्यालय अधीक्षक देवेंद्र सिंह चौहान मौके पर पहुंच गए।
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टीम में यह शामिल रहे
आरपीएफ क्राइम ब्रांच के सहायक उपनिरीक्षक जेपी यादव, प्रधान आरक्षी विजय बहादुर राम, उमेश कुमार, आरक्षी दीपक कुमार, अरुण सिंह राठौर, स्टेशन थाने से उपनिरीक्षक जितेंद्र कुमार, सहायक उपनिरीक्षक गिरिराज सिंह, जीआरपी से उपनिरीक्षक रणविजय बहादुर सिंह व आरक्षी सुरेंद्र कुमार शामिल रहे।
टैक्स बचाने के लिए ऐसा करते हैं व्यापारी
बांदा के सराफा व्यापारी पूर्व में भी ट्रेन में नकदी के साथ पकड़े जा चुके हैं। दरअसल, व्यापारी टैक्स बचाने के लिए ऐसा करते हैं। दूसरे शहरों से सोने चांदी के आभूषण मंगाने के बाद खुद ही भुगतान करने जाते हैं। इससे उनको खरीद बिक्री को दस्तावेजों में नहीं दिखाना पड़ता है।
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