कहने को रीता देवी प्रधान थी। लेकिन, उनका परिवार गरीबी से लड़ रहा था। खुद के पास रहने के नाम पर एक यही मकान था, जो जर्जर हो चुका था। इस मकान की दीवारों को सही करने के लिए वह खुद गोबरी लगा रही थी। माना जा रहा है कि जर्जर हो चुकी दीवार दबाव पड़ने पर उनके ही ऊपर गिर र्गई।
रीता देवी के तीन बेटे अनू कुमार (24), पवन कुमार (22), प्रभात (19) और दो बेटियां लड़की पूजा (23), सुनीता (16) हैं। इसमें पूजा की छोड़ किसी की शादी नहीं हुई है। रीता देवी के प्रधान बनने पर परिवार को दु:ख के दिन दूर होने की उम्मीद थी।