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जौनपुर में मोरों की सुरक्षा के लिए पहरा देते हैं ग्रामीण, इस वजह से करना पड़ा ऐसा

Fri, 01 Jan 2021 12:29 AM IST
स्‍वाधीन तिवारी अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, जौनपुर
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मोर - फोटो : अमर उजाला
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राष्ट्रीय पक्षी मोर के शिकार की खबरें तो आपने सुनी होंगी, मगर यह खबर थोड़ी हट के है। यहां मोरों का जीवन बचाने के लिए लोग पहरा दे रहे हैं। छह-छह लोगों की चार टीम खुद तो पहरेदारी कर ही रही हैं, अपने आस-पास के इलाके में भ्रमण कर दूसरे लोगों को भी मोर की सुरक्षा के लिए प्रेरित कर रही हैं। मामला लाइन बाजार थाना क्षेत्र के परषोत्तमपुर गांव का है।

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परषोत्तमपुर गांव के बगीचे और खलिहानों में अक्सर मोर आते हैं। पिछले दिनों आठ मोर एक साथ संदिग्ध हाल में मृत पाए गए तो हड़कंप मच गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण ठंड लगना बताया गया। बाद में यह भी आशंका जताई गई कि मोरों ने गलती से कोई जहरीला पदार्थ न खा लिया हो या किसी ने शिकार के प्रयास में ऐसा किया हो।

वन विभाग ने एक कर्मचारी की ड्यूटी लगाई, लेकिन एक कर्मचारी के भरोसे सही निगरानी नहीं हो पा रही थी। फिर क्या था, ग्रामीणों ने मोरों की सुरक्षा का जिम्मा उठा लिया। ग्राम प्रधान सुशीला मौर्य के पति धनई मौर्य ने बृहस्पतिवार को गांव में डुगडुगी पिटवाई। लोगों से अपील की और कुछ ही देर में कई लोग आगे आ गए।
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छह-छह लोगों की टीम बनाई गई और गश्त का जिम्मा दिया गया। यह टीम खुद तो मोर की निगरानी कर रही है, साथ ही अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित कर रहे हैं कि फसलों में कीटनाशक न डालें। पक्षियों का शिकार करने वाले किसी भी व्यक्ति पर नज़र पड़ते ही तत्काल सूचना दें। चार टीम के लोग बारी-बारी दो शिफ्ट में पहरा दे रहे हैं। टीम में धनई मौर्य, अमन, रोहित, सजब, विनय, मलखान, धनंजय आदि शामिल हैं।
 

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मोरों से है गांव की रौनक
धनई मौर्य का कहना है कि मोर हमारे राष्ट्रीय पक्षी हैं। उनके रहने से गांव में रौनक रहती है। ऐसे में उनका संरक्षण भी हमारा दायित्व है। अगर कोई भी शिकार करते मिलता है तो ग्रामीण भी सख्ती से निपटेंगे।

ग्रामीणों की जागरूकता सराहनीय
आठ मोरों की एक साथ मौत के बाद वन विभाग में भी खलबली मची हुई है। विभाग की ओर से एक वनरक्षक को यहां तैनात किया गया है। प्रभारी डीएफओ एके तिवारी ने बताया कि आठ मोरों की मौत गंभीर मामला है। विभाग पूरी सतर्कता बरत रहा है। ग्रामीणों का इसमें अच्छा सहयोग मिल रहा है। पक्षियों की सुरक्षा के लिए लोगों में ऐसे ही जागरूकता की जरूरत है।
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