मोरों से है गांव की रौनक
धनई मौर्य का कहना है कि मोर हमारे राष्ट्रीय पक्षी हैं। उनके रहने से गांव में रौनक रहती है। ऐसे में उनका संरक्षण भी हमारा दायित्व है। अगर कोई भी शिकार करते मिलता है तो ग्रामीण भी सख्ती से निपटेंगे।
ग्रामीणों की जागरूकता सराहनीय
आठ मोरों की एक साथ मौत के बाद वन विभाग में भी खलबली मची हुई है। विभाग की ओर से एक वनरक्षक को यहां तैनात किया गया है। प्रभारी डीएफओ एके तिवारी ने बताया कि आठ मोरों की मौत गंभीर मामला है। विभाग पूरी सतर्कता बरत रहा है। ग्रामीणों का इसमें अच्छा सहयोग मिल रहा है। पक्षियों की सुरक्षा के लिए लोगों में ऐसे ही जागरूकता की जरूरत है।