जौनपुर। प्रदेश में बर्ड फ्लू का पहला केस मिलने के बाद पशु चिकित्सा विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीरेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में रविवार को बैठक कर सभी पशु चिकित्सकों को बर्ड फ्लू के रोकथाम और बचाव के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए गए। रैपिड रिस्पांस टीम को क्रियाशील बनाने पर बल दिया गया।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जिले में कहीं भी पक्षियों के बीमार पड़ने एवं मृत्यु होने पर तुरंत सूचना दें। चिकित्सक मौके पर पहुंचकर मानक के अनुसार सैंपल एकत्रित कर जांच के लिए रिजनल डिजीज डायग्नोस्टिक लैब आईवीआरआई बरेली और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्योरिटी पशु रोग भोपाल भेजा जाएगा। कुक्कुट पालन व उत्पाद विक्रय करने वाले फुटकर और थोक विक्रेता साफ-सफाई रखें। आसपास चूने का छिड़काव कर जरूरी बायो सिक्योरिटी के उपाय अपनाएं। जिले में पांच सौ से 15000 पक्षी की क्षमता के 105 फार्म क्रियाशील हैं। उन्होंने बताया कि बर्ड फ्लू का संक्रमण जनपद में अभी नहीं है। पक्षियों एवं अंडों की बिक्री पर कोई रोक नहीं है। बैठक में पशु चिकित्सा अधिकारी शाहगंज डॉ. आईडी भारती, बदलापुर डॉ. डीके बंसल, सदर डॉ. संदीप अग्रवाल, मड़ियाहूं डॉ. देवेंद्र यादव, मछलीशहर डॉ. अजीत, केराकत डॉ. धर्मेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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इन नंबरों पर दें सूचना
बर्ड फ्लू पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इन मोबाइल नंबर 8858314387 एवं 9648292066 पर इस संबंध में सूचना दी जा सकती है।