रात लगभग 11:40 पर पुलिस को आजमगढ़ की तरफ से पिकअप तेज रफ्तार में आती हुई दिखी, जिसके बाद पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन बैरिकेडिंग तोड़ते हुए पिकअप चालक वाराणसी की तरफ भाग निकला। पुलिस ने उधर रेलवे क्राॅसिंग पर पहले से ही रास्ता बंद करवा रखा था। जिसपर पिकअप चालक वापस खुज्जी की तरफ गाड़ी घुमाकर लाया।
खुज्जी मोड़ पर दुबारा बैरिकेडिंग और गाड़ियों से रास्ता बंद देख पिकअप चालक ने गाड़ी का रुख पटरियों की तरफ कर दिया। पिकअप चालक ने बर्बरतापूर्वक सड़क के किनारे खड़ी गाड़ियों को टक्कर मारते हुए आरक्षी दुर्गेश सिंह को कुचल दिया। अपने साथी को घायल देख सभी पुलिस कर्मी उसे बचाने दौड़े पिकअप मारिकपुर गांव के रास्ते फरार हो गया।
इधर, घायल दुर्गेश सिंह के सिर में गंभीर चोट आने की वजह से निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह तत्काल दुर्गेश सिंह को गाड़ी लादकर सीधा ट्राॅा सेंटर रवाना हो गए। काफी कोशिशों के बावजूद ब्रेन हैमरेज के कारण देर रात 2.40 बजे आरक्षी दुर्गेश सिंह की मौत हो गई।
इस घटना से पूरे पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई। एसपी जौनपुर और एसपी सिटी रात लगभग साढ़े तीन बजे चंदवक थाने पहुंच गए। इस बाबत, चंदवक थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने बताया कि मृत आरक्षी का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम दबिश दे रही है।
मूल रूप से चंदौली जिले के सकलडीहा थाना क्षेत्र के रहने वाले आरक्षी दुर्गेश सिंह (36) 2011 बैच के आरक्षी थे। कर्तव्यनिष्ठ और मिलनसार व्यक्ति थे। इनकी पत्नी प्रियंका सिंह कर्रा स्थित प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका के पद पर तैनात है। इनकी सात वर्षीय एक बेटी भी है। देर रात जब पत्नी को इस घटना के बारे में पता चला तो वह सदमे से बेहोश हो गईं।