जौनपुर में चुनावी मुद्दों पर चर्चा करती महिलाएं।
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युवाओं के बाद जौनपुर की महिलाओं ने भी सुरक्षा, महंगाई, रोजगार और सड़क का मुद्दा उठाया। कई महिलाओं ने इन मामलों में सरकार के कदमों की तारीफ की, तो कुछ महिलाओं ने नाराजगी भी जाहिर की। पढ़िए 'अमर उजाला' के चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' में जौनपुर की महिलाओं ने क्या-क्या कहा?
महिला सुरक्षा पर क्या है राय?
अर्चना त्रिपाठी ने कहा कि वह सरकार के काम से संतुष्ट हैं। योगी सरकार में महिलाएं ज्यादा सुरक्षित महसूस कर रही हैं। हालांकि, अभी भी कुछ कमियां हैं, उसपर ध्यान देने की जरूरत है। डॉ. तसनीम फातिमा ने कहा कि यूपी में महिलाओं से जुड़ी कई आपराधिक घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसलिए मैं सरकार के काम से खुश नहीं हूं। तसनीम ने कहा कि ऐसा नहीं है कि इस तरह की घटनाएं अभी होने लगी हैं। पहले भी ऐसी घटनाएं होती रहीं हैं। सरकार को इसपर लगाम लगाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
डॉ. रंजना सिंह ने कहा कि आज की महिलाएं अपनी सुरक्षा करने के लिए खुद सक्षम हैं। योगी सरकार में महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है। महिलाओं के लिए सरकार ने कई तरह की योजनाएं शुरू की हैं। हालांकि, सरकार को सड़क पर ध्यान देना चाहिए। कई जगह अभी भी सड़कें बहुत खराब हैं।
पूर्व प्राचार्या डॉ. सरोज सिंह ने कहा कि महिलाओं की समस्या का निराकरण महिलाओं के जरिए ही हो सकता है। सरकार कानून व्यवस्था बेहतर कर सकती है, लेकिन लोगों के दिलों दिमाग और मन में परिवर्तन नहीं कर सकती है। महिलाओं को समाज बदलने की जरूरत है। मां, पत्नी, बेटी के रूप में अपने घर के पुरुषों को अच्छी शिक्षा देने की जरूरत है। कई सालों में पहली बार लग रहा है कि सरकार का इकबाल बना हुआ है। सरकार कितना एक्शन में है।
प्रियंका श्रीवास्तव ने कहा कि महिलाएं सजग हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन को भी ध्यान देना चाहिए। रागिनी सिंह ने कहा कि सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए कई हेल्पलाइन जारी किए हैं। कोई भी इनकी मदद से अपनी सुरक्षा कर सकता है।
महंगाई और रोजगार पर क्या बोलीं महिलाएं?
जौनपुर में चुनावी मुद्दों पर चर्चा करती महिलाएं।
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पूनम दुबे ने कहा कि महंगाई बहुत ज्यादा बढ़ गई है। सिलेंडर महंगा हो गया है। बेरोजगारी बढ़ गई है। स्कूलों में बच्चों की फीस बढ़ गई है। स्कूल का ड्रेस महंगा हो गया है। हर कोई परेशान है। सरकार को इसपे ध्यान देना चाहिए।
उर्वशी ने कहा कि पहले सिलेंडर के लिए पहले पूरे दिन लाइन लगाना पड़ता था। आज दस मिनट के अंदर घर पर सिलेंडर पहुंच रहा है। उर्वशी ने पूनम के दावों को भी खारिज कर दिया। कहा, ये जिस वक्त 400 रुपए का सिलेंडर मिलता था, तब में और आज में काफी फर्क है। 10 साल से अधिक का समय हो गया है। आबादी बढ़ गई है। इसका असर तो पड़ेगा ही। आज लोगों को अधिक सुविधाएं मिल रही हैं। राशि सिंह ने कहा कि सरकार गरीबों को मुफ्त राशन, तेल दे रही है। गरीबों को मुफ्त में मकान दिया गया, हर घर बिजली पहुंच गई।
कोरोना मैनेजमेंट पर भी उठे सवाल
समाजवादी पार्टी की मालती मिश्रा ने कहा कि कोरोनाकाल में लोग ऑक्सीजन की कमी से मारे गए। मजदूर पैदल चलने को मजबूर हुए। हर तरफ अव्यवस्था थी। सरकार ने किसी की मदद नहीं की।
प्रीति गुप्ता ने मालती को जवाब दिया। कहा कि कोरोनाकाल में सरकार ने बहुत काम किया। ऑक्सीजन की कहीं भी कमी नहीं थी। सरकार ने आवाजाही के लिए सभी बसों और ट्रेन का इंतजाम करवाया था। परेशानी उन्हीं लोगों को हुई जो सरकार से छिपकर निकले थे।