जौनपुर। बरसठी थाना क्षेत्र के झिगुरिया पठखौली गांव में क्रिकेट खेलने के विवाद में नौ वर्ष पूर्व हुई गैर इरादतन हत्या के मामले में जिला जज मदनपाल सिंह ने दो आरोपियों को 10 वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इस मामले में दो अन्य आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।
अभियोजन के अनुसार 24 अक्टूबर 2011 को सुबह रामधारी का पुत्र रामआसरे अपने दोस्त पवन व धर्मेंद्र के साथ सायकिल से परियत मार्केट से घर आ रहा था। करीब 5 बजे शाम को राम जानकी मंदिर के पास आरोपी राजाराम, ओमप्रकाश, जयप्रकाश व बृजेश प्रजापति ने उन्हें घेर लिया। क्रिकेट खेलने को लेकर कुछ दिन पूर्व हुए विवाद में लाठी, बैट व लात-घूंसों से उसकी पिटाई की। हमले से रामआसरे बेहोश हो गया। लोगों के आने पर आरोपी भाग गए। घायल को भदोही के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल सिंह कप्तान ने अभियोजन पक्ष से पैरवी की। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने और साक्ष्यों का परिशीलन करने के बाद आरोपी ओमप्रकाश व बृजेश को गैर इरादतन हत्या का दोषी पाते हुए सजा सुनाया। आरोपी राजाराम व जयप्रकाश को कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
जानलेवा हमला करने वालों को चार वर्ष कैद
जौनपुर। एडीजे ईसी एक्ट ने बरसठी थाना क्षेत्र के गोठाव गांव में आपसी रंजिश को लेकर जानलेवा हमला के दो आरोपियों को चार वर्ष कारावास और 5000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। गोठांव गांव निवासी विद्यासागर यादव ने धारा 156(3) के तहत प्रार्थना पत्र देकर कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उसका आरोप था कि ओमनारायण एवं उनके भाई जगनारायण एडवोकेट ने आपसी रंजिश को लेकर 15 जुलाई 2006 को उसके अधिवक्ता भाई तीथऱराज को मारने लगे। वह तीर्थराज को बचाने लगा तो आरोपियों ने उसका गला दबाकर मारने का प्रयास किया। गांव के लोगों ने बीच-बचाव किया। कोर्ट ने गवाहों के बयान एवं दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद ओमनारायण व जगनारायण को दोषी पाते हुए सजा सुनाया।