अपनी जान की परवाह किए बिना सड़क किनारे गहरे नाले में गिरे मासूम को सकुशल बाहर निकालने वाले देवरिया के टीएसआई रामवृक्ष यादव को डीजीपी मेडल मिलने से परिजन और ग्रामीण आह्लादित हैं। इसकी सूचना मिलने के बाद से ही गांव में खुशी छाई हुई है। उन्हें अपने लाल की बहादुरी पर नाज है तो उसके अनूठे सेवा कार्य पर भी फक्र है।
मूल रूप से जौनपुर जिले के डोभी ब्लाक के हीरापुर गांव निवासी रामवृक्ष यादव देवरिया में लंबे समय से टीएसआई के पद पर कार्यरत हैं। पिता स्व. तेज यादव किसान रहे हैं। रामवृक्ष छह भाइयों में सबसे छोटे हैं। उनके तीन भाई फूलचंद यादव, राजेंद्र यादव, मेगी यादव गांव में रहते हैं, जबकि दो भाई बबलू यादव व लालमन यादव का निधन हो चुका है।
वर्ष 1994 में कांस्टेबल के रूप में पुलिस सेवा में आए रामवृक्ष यादव अपनी कार्य कुशलता और प्रतिभा के बल पर शीघ्र ही विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण कर एसआई बन गए। सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर योगदान के चलते ही उनकी लोकप्रियता भी खूब है।
देवरिया के ही बरहज थाने में तैनाती के दौरान सरयू नदी में डूब रहे बच्चों को अपनी जान पर खेलकर बचाया तो देवरिया सदर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म से फिसलकर ट्रेन के सामने गिरे बच्चे को भी सुरक्षित बचाने में सफलता पाई। बहादुरी के अनेक कारनामों से उन्हें पहले भी पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों से प्रशंसा व सम्मान मिल चुका है। अब उन्हें डीजीपी मेडल व प्रशस्ति पत्र दिए जाने की घोषणा हुई है।