कृषि यंत्र पर अनुदान चाहिए तो पहले लाएं टोकन और चालान फार्म
किसानों को अनुदान पर दिया जाएगा कृषि यंत्र
पहले आओ पहले पाओ के आधार पर दिया जाएगा यंत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
जौनपुर। टोकन और फार्म जनरेट करने के बाद ही किसानों को अनुदान पर कृषि यंत्र मिलेगा। इसके लिए किसानों को सबसे पहले विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन की सारी प्रक्रिया पूरी करने के बाद किसान यंत्र क्रय कर सकता है। इसके बाद अनुदान पाने के लिए किसान को बिल बॉउचर सहित सारे अभिलेख उप कृषि निदेशक कार्यालय में जमा करना होगा। इसके बाद कृषि विभाग जमा अभिलेखों व खरीदे गए कृषि यंत्रों आदि की जांच कर किसानों को योजना का लाभ दिलाएगा। किसानों को पहले आओ पहले पाओ के आधार पर योजना से लाभांवित किया जाएगा।
खेती में आधुनिक तौर-तरीके अपनाकर लाभपरक बनाने के लिए सरकार किसानों को अनुदान पर कृषि यंत्र देने की योजना कर रही है। योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को पहले ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इस दौरान किसान को विभागीय पोर्टल पर डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू यूपीएग्रीकल्चर डाट काम पर पंजीकरण संख्या सहित बैंक खाता और आधार खाता संख्या डालकर टोकन जनरेट करना होगा। इसके बाद चालान फार्म जनरेट होगा। जिस पर दी गई धनराशि को किसी भी यूनियन बैंक आफ इंडिया की शाखा में जमा करना होगा।
इस धनराशि की जमा पर्ची 10 दिन के अंदर विभागीय वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। इसके बाद किसानों का चयन कृषि यंत्र क्रय करने के लिए हो जाएगा। इसके बाद किसान संयंत्रों की खरीद कर सकेगा। इस खरीदे गए यंत्र की रसीद पोर्टल पर अपलोड करना होगा। इसके बाद सभी बिल बॉउचर सहित अन्य अभिलेख उप कृषि निदेशक कार्यालय में भुगतान के लिए जाम करना होगा। कृषि विभाग इसकी जांच कर किसानों को योजना का लाभ देगा।
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इनसेट:
40 से 50 फीसदी तक है अनुदान
जौनपुर। विभिन्न कृषि यंत्रों पर भिन्न- भिन्न अनुदान है। किसी यंत्र पर मूल्य का 40 तो किसी पर 50 फीसदी अनुदान है। अनुदान के अलावा शेष बची धनराशि किसानों को जमा करना होगा। अनुदान की धनराशि सीधे किसानों के खाते में भेजी जाएगी।
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कोट:
किसानों को अनुदान पर कृषि यंत्र दिया जाना है। इसके लिए किसानों को विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन सारी प्रक्रिया पूरी करनी होगा। इसके बाद वह यंत्रों कछी खरीद करेगा। साथ ही खरीद के एक माह बाद यंत्रों के बिल बाउचर सहित अन्य अभिलेख जमा करना होगा। इसके बाद जांच कर योजना का लाभ दिया जाएगा। -जय प्रकाश, उप कृषि निदेशक।