गैर इरादतन हत्या में तीन महिलाओं को सात साल सजा
पैसे के लेनदेन में छह वर्ष पूर्व लाठी व राड से मारकर हुई थी हत्या
अमर उजाला ब्यूरो
जौनपुर। अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ महेंद्र सिंह ने सास व उसकी दो बहुओं को रुपये के लेनदेन को लेकर छह वर्ष पूर्व बक्शा थाना क्षेत्र के सुजियामऊ गांव निवसी नीरज सिंह की हुई गैर इरादतन हत्या के आरोप में 7 वर्ष कारावास एवं प्रत्येक को बीस बीस हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया है।
बक्सा थाना क्षेत्र के सुजियामऊ गांव निवासी राजबहादुर सिंह ने प्राथमिकी दर्ज कराया था कि 8 अक्टूबर 2013 को उनका पुत्र नीरज सड़ेरी गांव के गुड्डू सिंह के फोन से बुलाने पर 6 बजे शाम रुपए के लेनदेन की वार्ता करने के लिए उनके घर गया था लेकिन वह वहां से वापस नहीं लौटा।जब वहां जाकर देखा गया तो नीरज लहूलुहान गुड्डू सिंह के आंगन में पड़ा था। इंद्रिका,उसकी दो बहुएं लवली सिंह व खुशबू सिंह तथा बेटे गुड्डू सिंह ने सुनियोजित ढंग से लाठी व राड से मारकर नीरज की हत्या कर दिया था।इसके पूर्व इंद्रिका सिंह ने नीरज सिंह के खिलाफ घर में घुसकर बहू से दुष्कर्म का प्रयास करने का मुकदमा दर्ज कराया।आरोप लगाया कि वह बहू से दुराचार का प्रयास कर रहा था उसे वह तथा उसकी दोनों बहुएं मिलकर मारी पीटीं जिससे वह गिर गया।पुलिस ने चार्जशीट चारों आरोपियों के खिलाफ दाखिल की तथा दुष्कर्म वाली एफ आई आर में फाइनल रिपोर्ट लगा दिया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद इंद्रिका व उसकी दोनों बहुओं को गैर इरादतन हत्या का दोषी पाया।गुड्डू को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।