02- सद्भावना रोड पर नगर पालिका द्वारा सड़क पर गिराया गया कूड़ा।
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जौनपुर। गांधी जयंती पर पूरा प्रदेश जहां सफाई में जुटा था। प्रधानमंत्री की ओर से सबको संदेश दिया जा रहा था कि आइए एक स्वच्छ देश बनाएं। मगर जौनपुर नगरपालिका परिषद इस सबसे बेखबर ही रहा। पालिका के कर्मचारी शाही किला के पीछे सद्भावना पुल रोड के किनारे बुधवार को सुबह कई ट्रक कूड़ा डंप करते रहे। उसकी दुर्गंध से आसपास के लोगों का जीना मुहाल हो गया। कहना न होगा कि शाही किला पर्यटन स्थल है। शहर की अन्य सड़कों, गली, मोहल्लों में भी गांधी जयंती पर सफाई का कोई विशेष अभियान नहीं दिखा।
करीब तीन लाख की आबादी वाले इस शहर में कुल 39 वार्ड हैं। इन वार्डों से प्रति दिन 100 टन कचरा निकलता है। लेकन नगर पालिका के पास कचरा निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं है। पालिका के कर्मचारी जहां तहां सड़क के किनारे खाली जमीन पर ही कचरा डंप कर देते हैं। इतना ही नहीं कचरा निस्तारण के लिए पालिका की लापरवाही का आलम यह है कि गोमती नदी में भी कचरा गिरा दिया जाता है। जिससे नदी प्रदूषित हो रही है। मौजूदा समय में नदी बढ़ाव पर है जिससे जिन इलाकों में पालिका की कचरा वाली गाड़ी नदी के किनारे पहुंच जाती थी वहां पर रास्तों में पानी भर गया है। इस नाते नदी में कचरा नहीं गिरा पा रहे हैं। पीएम मोदी और सीएम योगी के आह्वान के बाद कयास लगाया जा रहा था कि कम से कम गांधी जयंती पर पालिका प्रशासन शहर में सफाई के लिए कोई विशेष अभियान चलाएगा। लेकिन सफाई को कौन कहे यहां तो एतिहासिक इमारत के पास सड़क के किनारे ही कूंड़ा पाट दिया गया। शहर को दोनों हिस्सों को जोडने वाली इसी सड़क पर भीड़ का अधिक दबाव रहता है। बावजूद इसके सद्भावना पुल मार्ग के किनारे शाही किला के ठीक पीछे कूड़ा डंप कर दिया गया। सुबह नगर पालिका की तीन बड़ी गाडिय़ां जब एक साथ यहां कूड़ा लेकर पहुंची और सड़क किनारे ही कूड़ा गिराना शुरू किया तो मार्निंग वाक पर निकले कई लोगों ने इसका वीडियो भी बनाया। लोग इस बात से हैरान रह गए कि आखिर घूमने फिरने वाली इस साफ सुथरी जगह पर कूड़ा क्यों डंप किया जा रहा है। हालांकि इस संबंध में अधिशासी अधिकारी राज किशोर का कहना है कि शाही किला के पीछे कचरा डंप करने की जानकारी उन्हें नहीं है। अगर ऐसा हुआ है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
नहीं चालू हो सका सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट
जौनपुर। शहर से निकलने वाले कचरे के निस्तारण के लिए वर्ष 2008 से ही शहर से दूर कुल्हनामऊ गांव में सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाने का काम शुरू किया गया है। लेकन यह प्लांट अभीतक बनकर तैयार नहीं हो सका। करीब 12 करोड़ की लागत से बनने वाल इस कचरा निस्तारण केंद्र का निर्माण करने वाली संस्था सीएनडीएस ने पिछले साल ही दावा किया था कि सरकार ने निर्माण के लिए दूसरी किस्त जारी करती है तो जनवरी 2019 में प्लांट चालू कर दिया जाएगा। लेकिन अभी निर्माण के नाम पर बाउंड्री वाल, टीनशेड ही बनाया जा सका है।