सुईथाकलाय/खुटहन। सरपतहा थाने की पुलिस जिस युवक को पांच दिन से खोजबीन में लगी थी उसका शव गुरुवार की शाम खुटहन थाना क्षेत्र के तिसौली गांव के पास नहर में मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक प्रद्युम्न उपाध्याय (21) शराब की दुकान पर फायरिंग और लूट का आरोपी था। परिजनों का आरोप है कि उसका अपहरण कर हत्या की गई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्मार्टम के लिए भेज दिया। शव मिलने की सूचना पर रात में ही एसपी अशोक कुमार मौके पर पहुंचे और घटना के खुलासे के लिए स्थानीय पुलिस को निर्देश दिया। काल डिटेल के आधार पर पुलिस ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। सीओ शाहगंज जितेंद्र दुबे खुद सुबह से ही सरपतहा थाने पर कैंप कर रहे हैं।
सरपतहा थाना क्षेत्र के खरतापपुर गांव निवासी मृतक प्रद्युम्न के पिता राम चंद्र उपाध्याय का आरोप है कि 6 जनवरी की शाम प्रद्युम्न के मोबाइल पर किसी का फोन आया तो वह बात करते हुए घर से निकला था। देर शाम तक वह घर नहीं लौटा तो खोजबीन की गई। खोजबीन में भी उसका पता नहीं चला तो रामचंद्र उपाध्याय ने बेेटे के गायब होेने की सूचना पुलिस को दी। पुलिस गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर चुप बैठ गई और गुरुवार की शाम उसका शव खुटहन थाना क्षेत्र के तिसौली गांव के पास नहर में मिला तो सनसनी फैल गई। शव क्षतविक्षत हो गया था। जिससे उसके शरीर पर चोट का निशान स्पष्ट नहीं हो सका। थानाध्यक्ष खुटहन दुर्गेश मिश्र का कहना है कि पोस्टमार्टम के बाद ही उसकी मौत की असली वजह पता चल सकेगी। दो माह पूर्व बनुआडीह बाजार स्थित देशी शराब की दुकान में बाइक सवार दो युवकों के द्वारा सेल्समैन को गोली मार 13 हजार रुपये की लूट के मामले में पुलिस ने प्रद्युम्न को आरोपित बनाया था। उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। वह जमानत पर जेल से छूटा था। पुलिस सूत्रों की माने तो युवक का शव मिलने की सूचना पर गुरुवार का रात में सरपतहा थाने पहुंचे एसपी अशोक कुमार ने लापरवाही के लिए स्थानीय पुलिस अधिकारियों को फटकार लगाई। एसपी आशोक कुमार का कहना है कि युवक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है। उसके मोबाइल नंबर पर आखिरी बार आई काल के डिटेल के आधार पर कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जल्द ही घटना का खुलासे के लिए निर्देश दिया गया है।
लापता होने के बाद से ही अपहरण का आरोप लगा रहे थे परिजन
सईथाकला। सरपतहा थाना क्षेत्र के खरतापपुर गांव निवासी रामचंद्र उपाध्याय और उनके परिजनों का आरोप है कि प्रद्युम्न के लापता होने के दिन से ही वे पुलिस अधिकारियों का चक्कर लगाते रहे लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। आखिरकार उसकी हत्या कर दी गई। परिजनों का आरोप है कि शव मिलने पर जिस तरह से पुलिस सक्रियता बरत रही है उतनी सक्रियता पहले बरती होती तो शायद उसकी जान बच सकती थी।
रामचंद्र का कहना है कि प्रद्युम्न देर घर नहीं लौटा तो उसी दिन पुलिस को उन्होंने अपहरण की सूचना देने के साथ आशंका जताई थी कि उसकी हत्या की जा सकती है। लेकिन पुलिस ने उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने स्थानीय थाने की पुलिस से लेकर सीओ शाहगंज और अपर पुलिस अधीक्षक से भी मिले लेकिन किसी ने उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया। पुलिस सर्विलांस से उसके नम्बर का डिटेल भी नहीं निकलवा सकी कि आखिर किसके फोन करने पर वह घर से निकला था। युवक के लापता होने ते दस दिन बाद पुलिस उसके मोबाइल का सीडीआर किलवाई तो उसी दिन शाम को युवक का नहर में शव मिला।