- तीन सदस्यीय समिति कर रही थी शिकायत की जांच, 45 परियोजनाओं में कई पर पहले ही कराए जा चुके थे कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
सुइथाकला। सुइथाकला क्षेत्र पंचायत की ओर से सितंबर में जारी किए गए साढ़े तीन करोड़ के टेंडर को अनियमितता के आरोप में निरस्त कर दिया गया। क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने टेंडर की शिकायत बीडीओ व डीएम से शिकायत की गई थी। बीडीओ ने जांच के लिए तीन सदस्यों की टीम गठित की थी। जांच में पता चला कि यह टेंडर करीब 3.15 करोड़ के थे, इसे नियमों को ताक पर रखकर जारी किया गया था।
बीते 20 सितंबर को कुछ समाचार पत्रों में सुइथाकला क्षेत्र पंचायत की ओर से 45 परियोजनाओं पर कार्य के लिए टेंडर प्रकाशित कराया गया था। यह टेंडर करीब 3 करोड़ 15 लाख रुपये का था, इसके बाद क्षेत्र पंचायत सदस्य कविता वर्मा के नेतृत्व में दर्जनों क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने टेंडर पर सवाल खड़े करने लगे। बीडीओ से लेकर डीएम तक से शिकायत की गई। आरोप लगाए कि टेंडर में तमाम ऐसे कार्य हैं जिन पर पहले से ही कार्य चल रहे हैं। इतना ही नहीं ब्लॉक प्रमुख पर मनमाने ढंग से कार्यों के चयन, एक ही गांव के अधिकतर कार्यों को सम्मिलित करने, बीडीसी सदस्यों के प्रस्तावों को नजरअंदाज करने, मानदेय न देने जैसे गंभीर आरोप लगे। बीडीओ जितेंद्र सिंह ने शिकायतों कि जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया था। टीम की ओर से की गई जांच में अधिकतर आरोप सही पाए गए, इसके बाद बीडीओ ने टेंडर निरस्त कर दिया। उन्होंने बताया कि जांच में कई आरोप सही पाए गए। इसके बाद टेंडर को निरस्त कर दिया गया।