शिकायत का सत्यापन करने के बाद एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाया। योजना के तहत शिकायतकर्ता गोविंद सिंह ने उपनिरीक्षक को मड़ियाहूं कस्बे के मौर्या टी स्टॉल पर बुलाया। जैसे ही उपनिरीक्षक ने 10 हजार रुपये रिश्वत के तौर पर लिए, पहले से मौजूद एंटी करप्शन टीम ने उन्हें मौके पर ही दबोच लिया। टीम ने आरोपी के कब्जे से रिश्वत की रकम बरामद की। मौके पर कराई गई रासायनिक जांच में हाथ धुलवाने पर पानी का रंग गुलाबी हो गया, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हुई।
गिरफ्तार उपनिरीक्षक रामाश्रय प्रजापति मूल रूप से बलिया जिले के फेफना थाना क्षेत्र के निवासी हैं। वर्ष 1989 में वह आरक्षी के पद पर भर्ती हुए थे और वर्ष 2023 में पदोन्नत होकर उपनिरीक्षक बने थे। एंटी करप्शन टीम ने आरोपी के खिलाफ जलालपुर थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराकर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।