नगर के तीस तालाबों पर अतिक्रमण किए जाने के विरोध में अधिवक्ता संघ ने बुधवार को हड़ताल की। इस दौरान अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार कर विरोध जताया। आरोप है कि तालाबों पर भूमाफियाओं ने अपना फर्जी नाम दर्ज कराकर अतिक्रमण कर लिया है। वाटर रिचार्जिंग के स्रोत तालाब के पटने से पेयजल संकट बढ़ रहा है।
अधिवक्ताओं ने तालाबों पर हुए अतिक्रमण को हटवाने की मांग को लेकर उपजिलाधिकारी राजेश कुमार चौरसिया को ज्ञापन सौंपा। तालाबों पर अतिक्रमण और पेय जल की समस्या को लेकर तहसील में धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी के बाद तहसील प्रशासन सक्रिय हो गया था। सुबह ही अधिवक्ता संघ को एसडीएम ने वार्ता का प्रस्ताव भेजा। तहसील प्रशासन व अधिवक्ताओं के बीच वार्ता हुई। जिसमें अधिवक्ताओं की मांगों पर चर्चा हुई।
उपजिलाधिकारी ने वकीलों को आश्वस्त किया कि 30 तालाबों से संबंधित मुकदमों की सप्ताह में दो दिन सुनवाई की जाएगी। फर्जी इंद्राज निरस्त कर तालाबों पर किए गए अवैध कब्जे हटवाए जाएंगे। जल स्रोत का संरक्षण होगा। इसके साथ ही तहसील परिसर में लगे आरओ प्लांट की तत्काल मरम्मत कराई जाएगी। तब तक विकल्प के तौर पर तहसील में अधिवक्ताओं, वादकारियों के लिए प्याऊ की व्यवस्था कराई जाएगी।
इस दौरान अधिवक्ता संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजय कुमार सिंह, महामंत्री वेद प्रकाश श्रीवास्तव, दिनेश चंद्र सिन्हा, आरपी सिंह, आलोक विश्वकर्मा, रमेश चंद्र यादव, राज कुमार पटवा, वीरेंद्र मौर्य, हरि शंकर यादव, हरि नायक तिवारी, प्रेम बिहारी यादव, शंकर मोहन श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।