पूर्वांचल विश्वविद्यालय के मैदान में शुक्रवार को बसपा की रैली मौजूद भीड़।
- फोटो : jounpur
बसपा सुुप्रीमो मायावती ने एक बार फिर दलित कार्ड चला। भाजपा को दलितों का सबसे बड़ा दुश्मन बताते हुए कहा भाजपा सत्ता में आई तो सबसे पहले आरक्षण खत्म करेगी। वह दलितों को गुमराह कर रही है। दलितों को उनका हक दिलाने के लिए बसपा का सत्ता में आना जरूरी है। चुनाव परिणाम आने के बाद सपा खुद कोमा में चली जाएगी। वे पूर्वांचल विश्वविद्यालय के मैदान पर शुक्रवार को जनसभा को संबोधित कर रही थी।
अपने एक घंटे के भाषण वे ज्यादातर समय तक भाजपा पर हमलावर रहीं। उन्होंने कहा कि भाजपा दागी और बागियों की पार्टी बन गई है। उसने जितने भी प्रत्याशी उतारे हैं, उसमें से ज्यादातर बाहरी है। जनता मोदी के असली चेहरे को पहचान चुकी है उनका नाटक चलने वाला नहीं है। केंद्र सरकार के तीन वर्ष पूरे होने जा रहे हैं, लेकिन न किसानों का कर्ज माफ हुआ और न चुनावी वादे पूरे हुए। भाजपा जुमला पार्टी बन कर रह गई है। जिससे वह अभी तक प्रदेश में कोई चेहरा नहीं दे सकी। सरकार कालाधन वापस लाने के वादे पर विफल साबित हुई। भाजपा अल्पसंख्यकों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है।
सपा पर निशाना साधते हुए बसपा मुखिया ने कहा कि सपा दो फाड़ हो चुकी है। उसकी डूबती नाव को कोई नहीं बचा पाएगा।
बसपा शासन ने जो काम शुरू किए गए थे, उसे अपना नाम देकर यह सरकार अपनी पीठ स्वयं थपथपा रही है। अब सत्ता जाने के डर से उसने कांग्रेस से हाथ मिला लिया है। कांग्रेस पर कहा दिल्ली में दलितों का रहना कांग्रेस को पसंद नहीं है। तमाम लोग वहां से हटाए जा रहे हैं। इस मौके पर सभी नौ विधानसभा के प्रत्याशियों के अलावा कोआर्डिनेटर उदयभान, जिलाध्यक्ष अमरजीत गौतम, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजाराम, अशोक सिद्धार्थ, सुधीर कुमार गौतम, पारसनाथ, शोभनाथ चौधरी, मिर्जा जावेद सुल्तान, डा. लाल बहादुर सिद्धार्थ, डा. जेपी सिंह, राजेश राव, केके विश्वकर्मा, विमल गुप्त आदि मौजूद थे। संचालन जोनल कोआर्डिनेटर मुनकाद अली ने किया।