शहर कोतवाली के आलम खां मुहल्ला स्थित तकरीबन साठ साल पुराने मकान की छत बरसात से सोमवार की दोपहर में अचानक गिर गई। इससे मुहल्ले में अफरातफरी मच गई।
छत गिरने से दंपती गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों केे सहयोग से मकान के अंदर से करीब 25 लोगों को बाहर सुरक्षित निकाला।
प्रशासन ने मकान खाली करने का निर्देश मकान मालिक सुलेमान के परिवार वालों का दिया है। लेकिन वह बाहर निकलने को तैयार नहीं हैं।
शहर के कोतवाली क्षेत्र में कल्लू इमाम बाड़े के बगल में सुलेमान चमड़े वाले का पुराना मकान है। जिसमें उनके पांच पुत्रों का परिवार रहता है।
करीब आठ से दस कमरों वाले इस मकान का आधा से अधिक हिस्सा जर्जर हो चुका है। इसके बावजूद इसमें बच्चों, महिलाओं सहित करीब 30 लोग रह रहे हैं।
सोमवार को अचानक मकान के एक हिस्से की छत गिर गई। जिसमें दबकर अब्दुल कादिर (45) और उनकी पत्नी अफशाना (40) घायल हो गई। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
दोनों मुंबई में रहते हैं। रमजान में घर आए थे। तीन दिनों से बरसात होने की वजह से पूरे मकान में पानी रिस रहा था। पूरे मकान में सीड़न हो गया था।
यह महज संयोग ही है कि जिस समय घटना हुई उस समय मकान में बच्चे, महिलाओं सहित करीब 25 लोग अंदर थे।
मकान गिरने की तेज आवाज होते ही घर में रोना चिल्लाना शुरू हो गया। मुहल्ले में भी अफरातफरी मच गई। आसपास के काफी लोग इकट्ठा हो गए। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी।
मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों के सहयोग से घायल दंपति को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजवाया। घर के अंदर से करीब 25 लोगों को बाहर निकाला। सिटी मजिस्ट्रेट ने मकान खाली करने का आदेश दिया है।
उन्होंने कहा है कि सुलेमान के परिवार वालों को मकान खाली करने को कहा तो गया है लेकिन वह दूसरा मकान नही होने के बहाने उसी में रहना चाहते हैं। जबकि यह जर्जर मकान कभी भी गिर सकता है। इंस्पेक्टर कोतवाली सीबी सिंह ने बताया कि प्रशासन का जैसा निर्देश होगा उसका पालन कराया जाएगा।