जौनपुर। रबी व खरीफ खेती के लिए 2022-23 में बीज ग्राम योजना के तहत खरीदे गए बीज का 28 लाख 31 हजार रुपये सब्सिडी किसानों के खाते में आज तक नहीं पहुंच पाई। कर्ज लेकर बीज खरीदने वाले किसान सब्सिडी के लिए कार्यालयों का चक्कर काट रहे हैं।
उन्नत खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजकीय बीज गोदामों से किसानों को सब्सिडी पर संशोधित बीज की बिक्री की जाती है। बीज खरीदते समय किसानों को पूरी कीमत चुकानी पड़ती है। इसके बाद मूल्य के 50 फीसदी धनराशि बाद में सब्सिडी के रूप में उनके खाते में भेजी जाती है। रबी व खरीफ खेती के लिए 2022-23 में बीज ग्राम योजना के तहत खरीदे गए बीज का 28 लाख 31 हजार रुपये की सब्सिडी 558 किसानों के खाते में आज तक नहीं पहुंच पाई है। नियमानुसार सब्सिडी एक पखवाड़े के अंदर खाते में पहुंच जानी चाहिए, लेकिन किसान सब्सिडी की बाट जोह रहे हैं। अन्नदाता अपनी शिकायत लेकर अधिकारियों के पास पहुंचते है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। अधिक दिनों से बकाया होने से किसानों का भरोसा टूट रहा है। यदि ऐसी स्थिति रही तो किसान राजकीय बीज गोदामों से बीज खरीदने से परहेज करने लगेंगे। ऐसे में विभाग के लिए बीज बिक्री का लक्ष्य पूरा करना आसान नहीं होगा।
वर्ष 2022-23 में बीज ग्राम योजना के तहत खरीदे गए बीज का 28 लाख 31 हजार रुपये अनुदान किसानों के खाते में नहीं पहुंचा है। इसकी डिमांड शासन को भेज दी गई है, जबकि 2023-24 का 99 लाख सब्सिडी किसानों के खाते में भेज दी गई है। बजट जारी होते ही शेष बचे किसानों के खाते में सब्सिडी का पैसा भेज दिया जाएगा। -हिमांशु पांडेय, उपनिदेशक कृषि।