फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आडंबर मुक्त समाज के समर्थक थे संत रविदास

विज्ञापन
विज्ञापन
जौनपुर। संत रविदास की जयंती बुधवार को मनाई गई। इस मौके पर जगह-जगह विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। वक्ताओं में व्यक्त्तिव और कृतित्व पर प्रकाश डाला। कहा कि संत रविदास सरलता और सहजता की प्रतिमूर्ति थे। वह समाज में एकरूपता के समर्थक थे। टीडी कालेज के बलरामपुर सभागार में संत रविदास की जयंती पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। अध्यक्षता अर्थशास्त्र के विभागाध्यक्ष प्रो. आरएन ओझा ने की।
विज्ञापन

मुख्य अतिथि शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. विजय कुमार सिंह रहे। डा. विजय कुमार सिंह ने कहा कि संत रविदास का जीवन सभी जनमानस के लिए सरलता, सहजता, का प्रेरणा स्रोत है। संत रविदास कहां करते थे कोई व्यक्ति जन्म से महान नहीं होता है वह अपने कर्मों एवं सुकृत्यों से जाना जाता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रो. आरएन ओझा ने कहा संत रविदास एक संत के रूप में, एक गृहस्थ के रूप में, और आडंबर मुक्त समाज की व्यक्ति थे। डा. हरिओम त्रिपाठी ने कहा कि संत रविदास के जीवन से मानव जीवन जीने की कला मिलती है। उनके कर्मवादी विचारधारा ने समाज में लोगों की एक नई दिशा दी है। संत रविदास भारतीय संस्कृति, सभ्यता, समता और समानता के पोषक थे। डा. संतोष, डा. नेहा सिंह, डा. दीपशिखा सिंह ने भी विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में डा. मनोज कुमार सिंह, डा. आमोद रघुवंशी, डा. सुमन, डा. पूनम मिश्रा, रामेंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें