जम्मू-कश्मीर के पंपोर में आतंकी हमले में संजय सिंह के शहीद होने की खबर मिलते ही केराकत के भौरा गांव स्थित उनके घर पर रोते बिलखते परिवार के लोग।
जम्मू-कश्मीर के पंपोर में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमले में शहीद हुए सब इंस्पेक्टर संजय सिंह के पैतृक गांव केराकत के भौरा गांव के घरों में रविवार को चूल्हे नहीं जले। गांव में मातम छाया है। पिता श्याम नारायण सिंह और मां बीना सिंह अपने शहीद बेटे की तस्वीर लेकर फूट-फूटकर रो रहे हैं।
उधर, रविवार को जम्मू में पोस्टमार्टम होने के बाद शव लखनऊ के लिए एयर एंबुलेंस से रवाना कर दिया गया। देर रात शव के लखनऊ पहुंचने पर उसे गार्ड ऑफ ऑनर देने के बाद सड़क मार्ग से जौनपुर के लिए रवाना किया गया।
सीआरपीएफ में सब इंस्पेक्टर पद से रिटायर्ड श्याम नारायण सिंह के तीन पुत्रों में संजय सिंह सबसे बड़े थे। छोटे भाई सुधीर सिंह बीएसएफ में एसआई हैं। तीसरे राजीव सिंह केराकत क्षेत्र के कुसरना स्थित एक विद्यालय में अध्यापक हैं।
संजय की शादी 2001 में गाजीपुर में हुई थी। वह अपने पीछे पत्नी नीतू सिंह, बेटी नेहा सिंह और बेटे शिवम को छोड़ गए हैं। शहीद संजय सिंह की पोस्टिंग इसके पहले चंडीगढ़ में थी। वहां वह परिवार ले गए थे।
उनकी बेटी नेहा सिंह चंडीगढ़ के केंद्रीय विद्यालय और पुत्र शिवम कान्वेंट विद्यालय में सातवीं कक्षा का छात्र है। रविवार को दिन भर लोगों का आना जाना लगा रहा। आसपास के गांव के लोग भी पहुंचे।