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सपा और सुभासपा में मचा घमासान, मिलाने और समझाने में जुटा हाईकमान

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जौनपुर। समाजवादी पार्टी और सुभासपा में सीट को लेकर गठबंधन से प्रत्याशियों को कोई आपत्ति नहीं हुई। लेकिन प्रत्याशियों के चयन को लेकर दोनों पार्टियों में जमकर घमासान मचा हुआ है। इस घमासान में दो पूर्व मंत्रियों की भी प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। हालांकि सब कुछ ठीकठाक करने में पार्टी के हाईकमान तक लगे हुए हैं। वे दबी जुबान से प्रत्याशियों के नाम बता रहे हैं, लेकिन पार्टी के अंतिम फैसले का इंतजार कर रहे हैं।
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सपा से साल 2002 और 2007 में शाहगंज और 2012 और 2017 में मछलीशहर से लगातार विधायक और पूर्व राज्यमंत्री जगदीश सोनकर के नामांकन के ठीक पहले पार्टी हाईकमान ने टिकट काट दिया। उनके स्थान पर पूर्व विधायक कैलाश सोनकर की बेटी और वाराणसी निवासी डा. रागिनी सोनकर को प्रत्याशी घोषित किया।
इसकी जानकारी होते ही बुधवार की रात से ही मछलीशहर में उनके समर्थकों और पार्टी के पदाधिकारी नाराज हो गए। पार्टी कार्यालय पर सपा के मछलीशहर विधानसभा अध्यक्ष सूर्यभान यादव की अध्यक्षता में बैठक हुई। पूरे प्रकरण का करीब एक घंटे का वीडियो भी कार्यकर्ताओं ने बनाकर विभिन्न माध्यमों से वायरल कराया, जिसमें पार्टी के मछलीशहर विधानसभा अध्यक्ष, ब्लाक प्रमुख गोपेश यादव, नगर पंचायत अध्यक्ष के प्रतिनिधि महमूद आलम, सभासद इश्तियाक अहमद, डा. हस्सान, ग्राम प्रधान श्रीनाथ यादव, उमाकांत यादव समेत अन्य लगभग 150 लोगों ने इस्तीफा देने की बात कही। इसके बाद पार्टी के विधानसभा अध्यक्ष समेत सेक्टर, बूथ और अन्य पदाधिकारियों ने अपने पद से इस्तीफा देते जिलाध्यक्ष और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को भेजा है।
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वहीं, सदर सीट पर 1993 में विधायक रहे मोहम्मद अरशद खान को सिंबल दे दिया है। साथ ही एक और सिंबल पूर्व में तेज बहादुर मौर्य को भी पार्टी हाईकमान स्तर से मिला है। इस आधार पर दोनों नेताओं ने अपना नामांकन किया है। साथ ही अपना-अपना टिकट तय बता रहे हैं। इसी तरह गठबंधन के तहत सपा ने जफराबाद सीट ओमप्रकाश राजभर की अगुवाई वाली सुभासपा को दे दी है। जहां से 1993 बयालसी (अब जफराबाद) से विधायक रहे व पूर्व मंत्री श्रीराम यादव को सिंबल दे दिया। जबकि ऐन वक्त पर 1996, 2002 और 2007 में लगातार विधायक रहे और पूर्व कैबिनेट मंत्री जगदीश नारायण राय को भी सिंबल दे दिया। ऐसे में दोनों पूर्व मंत्रियों ने भी अपना नामांकन करके प्रतिष्ठा दांव पर लगा दी है।
वहीं, मुंगराबादशाहपुर सीट से डा. पंकज पटेल और चंद दिनों पहले भाजपा में रहे दिलीप राय बलवानी को सिंबल देकर वहां भी पेंच फंसा दिया। इसके पहले मडि़याहूं में लगातार 2004 के उपचुनाव और 2012 में चुनाव जीतने वाली श्रद्धा यादव का टिकट काटकर सपा साल 2017 में बसपा से मुंगराबादशाहपुर सीट से विधायक बनीं और पिछले साल सपा में आई सुषमा पटेल को टिकट दे दिया। ऐसे में अभी श्रद्धा यादव के समर्थक अभी तक नाराज चल रहे हैं। हालांकि इस बाबत सपा के जिलाध्यक्ष लाल बहादुर यादव का कहना है कि सभी अपने हैं, सभी को संतुष्ट किया जाएगा। सभी कार्यकर्ताओं और नेताओं की भावनाओं का सम्मान होगा। पार्टी हाईकमान का जो निर्णय आएगा उसे हम सब मानेंगे। फिलहाल, किसी का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है।
दो सिटिंग विधायकों का कटा टिकट
जौनपुर। इस बार के विधानसभा चुनाव के दौरान दो सिटिंग विधायकों का टिकट अलग-अलग पार्टियों ने काट दिया है। इसमें सपा ने जहां मछलीशहर से इस बार हैट्रिक लगाने का सपना देख रहे जगदीश सोनकर का टिकट काट दिया। वहीं, अपना दल एस ने भाजपा से गठबंधन के तहत मिली मडि़याहूं सीट से साल 2017 में विधायक बनीं डा. लीना तिवारी का टिकट काट दिया। इनके स्थान पर भदोही निवासी डा. आरके पटेल को अपना प्रत्याशी बनाया है।
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