फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

18 हजार किसानों का पंजीकरण साढ़े 17 सौ से ही हुई खरीद

विज्ञापन
बदलापुर धान क्रया केंद्र पर दो दिन से खड़ा धान लदा ट्रैक्टर। - फोटो : JAUNPUR
विज्ञापन
जौनपुर। धान खरीद की व्यवस्था में पारदर्शिता के जिम्मेदार चाहे जितने दावे कर लें, जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है। सरकारी क्रय केंद्रों पर धान खरीद की प्रक्रिया बेहद सुस्त है। पंजीकरण कराने के बाद भी 90 फीसदी किसान तारीख मिलने का इंतजार कर रहे हैं। किसी को एक महीना तो किसी को इससे भी लंबी तारीख दी जा रही है। तय तारीख पर किसान धान लेकर पहुंच रहे हैं तो बहाने बनाकर उपज लेने से इंकार किया जा रहा है। बृहस्पतिवार को जिले के क्रय केंद्रों पर धान खरीद की पड़ताल में कुछ ऐसी ही हकीकत सामने आई।
विज्ञापन

जिले में अब तक 18 हजार से अधिक किसानों का पंजीकरण किया जा चुका है, मगर इनमें से 10 फीसदी किसानों से ही खरीद हो पाई है। अन्य किसान लंबी तारीख लेकर इंतजार कर रहे हैं। बेटी की शादी, बेटे की पढ़ाई और अन्य कार्यों के लिए पैसे की जरुरत पूरी करने की खातिर उन्हें न चाहते हुए भी बिचौलियों की शरण लेनी पड़ रही है।
बदलापुर मेें साधन सहकारी समिति बिठुआ कला पर विपणन विभाग का क्रय केंद्र स्थापित है। बृहस्पतिवार को यहां कई किसान धान बेचने के लिए खड़े रहे। नेवादा मुखलिसपुर निवासी किसान रामअचल यादव ने बताया कि दो माह पूर्व रजिस्ट्रेशन कराया था। 14 नवंबर की तारीख मिली थी। तीन दिन दौड़ने पर भी धान की खरीदारी नहीं हुई। बुधवार को सुबह से ही ट्रैक्टर ट्राली सहित धान लेकर खड़ा हूं। बोरा न होने की बात कह प्रभारी ने धान लेने से इंकार कर दिया। इसी गांव के किसान सौरभ यादव ने बताया कि एक महीने पहले रजिस्ट्रेशन कराया था। 12 नवंबर को खरीदारी का समय मिला था, मगर आज तक धान नहीं खरीदा गया। बैनर पर अंकित केंद्र प्रभारी का मोबाइल नंबर लगता ही नहीं। पहितियापुर के किसान मनोज मौर्या ने बताया कि एक महीने पूर्व रजिस्ट्रेशन के बाद भी आज तक खरीदारी की तिथि नहीं मिली है। दुधौड़ा की उर्मिला पांडेय ने बताया कि दो माह पूर्व रजिस्ट्रेशन कराया है। जनवरी में बिक्री की तारीख मिली है। केंद्र प्रभारी ज्ञानी गौतम दोपहर साढ़े 11 बजे तक केंद्र पर मौजूद नहीं थे। खरीद का कार्य स्थानीय निवासी अच्छेलाल संभाले हुए थे। केंद्र पर अनियमितता के बाबत एसडीएम केके मिश्र का कहना था कि धान क्रय केंद्र पर अनियमितता की शिकायत मिली है। जांच कर संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

केराकत तहसील के किसान धान बिक्री को लेकर परेशान नजर आ रहे हैं। समय से धान की बिक्री न होने के कारण उनके सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गई है। ग्राम पीड़ारी निवासी अनिल कुमार सिंह का कहना है कि रजिस्ट्रेशन तो करा लिया है, मगर केंद्र प्रभारी ने दस दिन बाद ही खरीद की बात कही है, जबकि इस समय लगन का समय है। खेत में रबी फसल की बोआई के लिए खाद बीज की आवश्यकता है। पैसे की जरुरत के लिए बाजार में कम दर पर उपज बेचना मजबूरी है। सरकी गांव के किसान जनार्दन सिंह का कहना है कि समय से धान का क्रय न होने से हम किसानों के सामने समस्या खड़ी हो गयी है। तहसील के विभिन्न विपणन केंद्रों पर अब तक 2997 किसानों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है, जिसमें अब तक 270 से ही खरीद हुई है। पीसीएफ के जिला लेखाकार राकेश कुमार के मुताबिक तहसील के सभी साधन सहकारी समितियों पर अब तक 5370 क्विंटल धान का क्रय हो चुका है। किसान को टोकन जारी किया जा रहा है। कम से कम आठ दस दिन का समय किसानों को दिया जा रहा है, ताकि रजिस्ट्रेशन के बाद उनके भूमि व खाते का सत्यापन की प्रक्रिया पूरा हो जाए।
अब तक पूरे जिले में 18117 किसानों ने पंजीकरण करा लिया है। पंजीकरण के बाद तहसील स्तर पर सत्यापन किया जा रहा है कि उनके नाम जमीन है या नहीं। केंद्र प्रभारी सबका सहयोग करेंगे। किसानों को धान बेचने में कहीं कोई कठिनाई आती है तो कलेक्ट्रेट में बने कंट्रोल रूम के नंबर 7839565156, 9389557857 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। जांच कर कार्रवाई की जाएगी। -दिनेश कुमार सिंह, डीएम
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें