जलालपुर में हुए हादसे में घायल राजवीर सिंह की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। बुधवार को भी वह आईसीयू में है। डाक्टरों के मुताबिक उसके शरीर में कुल 32 फ्रैक्चर हैं। वहीं बांकी के लोग अब राजवीर के स्वस्थ होने की कामना भी कर रहे हैं। बताते हैं कि घटना के दस मिनट बाद ही पीछे की गाड़ी से राजवीर के दादा डा. ज्ञान प्रकाश देव दूत बनकर पहुंच गए थे जिन्होंने लोगों की मदद से उसे निकालकर ट्रामा सेंटर भेज दिए थे।
राजवीर के बड़े पिता धर्मेंद्र बताते हैं कि दुर्घटना से 10 मिनट पहले बृजेश व उनके बड़े भाई डॉ ज्ञान प्रकाश सिंह एक दुकान पर रुक कर जलपान किए थे। वहां से बृजेश पहले गाड़ी लेकर निकल लिए, जो 200 मीटर आगे जाने के बाद ही ट्रक की चपेट में आने से हादसे के शिकार हो गए। वहीं, हादसे के 10 मिनट बाद ही राजवीर के दादा डा. ज्ञान प्रकाश सिंह अपनी गाड़ी से पहुंचे थे। हालांकि घटना स्थल पर पहुंचते ही उन्होंने सभी की नब्ज जांच की थी। छह लोगों में केवल राजवीर की नाड़ी चलती मिली। इस पर उन्होंने साथ चल रहे उसके पिता सूरज और ग्रामीणों की मदद से उसे बाहर निकाला और पेट के बल लेटवा कर सीधे ट्रामा सेंटर पहुंच गए। चिकित्सकों ने बताया कि राजवीर के सिर में चोट नहीं है और न ही ब्लड क्लॉटिंग है। यद्यपि उसके शरीर में कुल 32 फ्रैक्चर हैं।