सिकरारा थाना क्षेत्र के सिउरा गांव में सोमवार को करंट लगने से एक प्राइवेट लाइनमैन की मौत हो गई। घटना से आक्रोशित लोगों ने सिकरारा थाने के बगल स्थित विद्युत उपकेंद्र के सामने जौनपुर-रायबरेली मार्ग पर जाम लगा दिया है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के आश्वासन पर रात करीब साढ़े नौ बजे लोगों ने प्रदर्शन समाप्त किया।
सिकरारा विद्युत उपकेंद्र पर मलसिल गांव के नंदलाल यादव (45) प्राइवेट लाइनमैन के तौर पर काम करते थे। सोमवार की शाम करीब साढ़े छह बजे वह सिउरा गांव में ट्रांसफार्मर में आई खराबी ठीक करने गए थे। इसी दौरान विद्युत आपूर्ति चालू कर दी गई। इससे नंदलाल करंट की चपेट में आ गए और उसी पोल पर लटक गए। ग्रामीणों ने नजर पड़ी तो शोर मचाया। सूचना देकर बिजली कटवाई गई। उधर, इस घटना की जानकारी मिलने पर सिकरारा थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। घटना की जानकारी मिलने पर परिजन विद्युत उपकेंद्र के सामने पहुंचकर हंगामा करने लगे। इससे जौनपुर-रायबरेली-प्रयागराज मार्ग जाम हो लग गया। वाहनों की कतार लग गई है। दूसरी ओर मौके पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हिमांशू नागपाल और सीओ सदर रणविजय सिंह भी हाइवे से प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने उनसे साफ कह दिया कि वे पहले घटना स्थल पर जाएं और खुद देखें। इसके बाद विद्युत निगम के दोषी कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएं, इसके बाद वे प्रदर्शन समाप्त करेंगे। प्रदर्शनकारियों की बात मानते हुए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सिउरा गांव पहुंचे। जहां पहले से समर्थकों के साथ मौजूद समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष व पूर्व विधायक लाल बहादुर यादव का कहना था कि जब तक यह सामने नहीं आ जाता है कि गलती किसकी है, तब तक शव को पोल से नहीं उतरने दिया जाएगा।
उधर, एसडीओ रंजित कुमार ने बताया कि नंदलाल मोबाइल टावर पर काम करने वाला आदमी था। उनके विभाग से नंदलाल का कोई लेना-देना नहीं था। हालांकि नंदलाल कभी कभार टावर में खराबी आने पर शट डाउन लेने के लिए पावर हाउस में फोन करते थे। इस बार उन्होंने शट डाउन लिया था अथवा नहीं, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। वे अभी अवकाश पर हैं।