मेधावी छात्र रहे हैं प्रांश
वहीं भगवान आशुतोष एक वैद्य के रूप में उन्हें मिले और पूरी रात में उन्हें तत्समय प्रचलित आयुर्वेद और प्रकृति का ज्ञान देकर आशीर्वाद दिया कि 'चिकित्सक के रूप में तुम्हारे हर पीढ़ी में कोई न कोई शिवांश होके जन्म लेगा, लेकिन समाज के उपचार में कोई दीन-दुखी तुम्हारे दर से लौटे नही, तुम अब जाओ और चिकित्सक रूपी संत के रूप में शोषित गरीब समाज सेवा करो। इसके बाद भगवान आशुतोष अंतर्ध्यान हो गये।
तब से आज तक वैद्य जी के परिवार में शुरू की तीन पीढ़ियो में आयुर्वेद के प्रसिद्ध वैद्य हुए। अभी की दो पीढ़ियों में एलोपैथिक स्पेशलिस्ट डॉक्टर (MBBS, MD) हैं। शिव सहाय वैद्य के प्रसिद्धि के दृष्टिगत उनके गांव पचोखर स्थित रंजीतपुर स्थित उच्चीकृत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का नाम शिव सहाय वैद्य जी के नाम पर करने का प्रस्ताव शासन से मुख्यमंत्री कार्यालय प्रेषित है।
छठी पीढ़ी में प्रांश ने इंटर के साथ NEET 2024 अच्छे नंबरों से क्वालीफाई कर पहले राउंड की काउंसलिंग में GSVM कानपुर में MBBS में दाख़िला लिया। यहां यह भी रोचक है कि प्रांश गणित विषय में अव्वल रहे हैं।
हाईस्कूल गणित में 100/100 पाने के बाद भी परिवार के सतत आशीर्वाद के चलते उन्होने अपना कॅरियर मेडिकल को चुना और इसी साल इंटर करते ही NEET 2024 क्वालीफाई कर गए। प्रांश हाईस्कूल में 94% एवं इंटर में 93% अंक पाकर शुरू से ही मेधावी छात्र रहे हैं।