Pramod Yadav Murder case: जौनपुर जिले के बोधापुर गांव निवासी भाजपा के जिला महामंत्री व पूर्व किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष प्रमोद यादव की गुरुवार को गोली मारकर हत्या कर दी गई। उन्होंने वर्ष 2012 में पूर्व सांसद धनंजय सिंह की पत्नी के खिलाफ विधानसभा चुनाव में नामांकन किया था, लेकिन किसी कारण से उनका पर्चा खारिज हो गया था।
भाजपा के जिला महामंत्री व पूर्व किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष प्रमोद यादव की गुरुवार की सुबह अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। घटना को लेकर पूरे जिले में चर्चा हो रही है। पुलिस टीमें मामले का पर्दाफाश करने में जुटी हैं। भाजपा नेता की हत्या की खबर मिलते ही घटनास्थल पर पार्टी के कई नेता व भारी संख्या में कार्यकर्ता पहुंच गए।
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बता दें कि प्रमोद यादव, बाहुबली धनंजय सिंह की पत्नी डॉ. जागृति सिंह के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरे थे। उन्होंने वर्ष 2012 के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के तौर पर नामांकन तो किया था लेकिन सिंबल न जमा करने व कुछ कागजात न होने से पर्चा खारिज हो गया था। वजह कि पहले यह व्यवस्था थी कि नामांकन के बाद सिंबल बाद में भी जमा किया जा सकता था। जब यह भाजपा का सिंबल लेकर अंतिम समय में पहुंचे तब तक समय खत्म हो चुका था। ऐसे में यह चुनावी मैदान से बाहर हो गए थे।
2012 के चुनाव में पहली बार मल्हनी विधानसभा बनी थी। इसमें सपा के पारसनाथ यादव ने पूर्व सांसद धनंजय सिंह की पत्नी डा.जागृति सिंह को हराकर जीत दर्ज की थी। वह निर्दल चुनावी मैदान में थी। इस चुनाव में बसपा के टिकट पर डॉ. पाणिनी सिंह भी चुनावी मैदान में थे। वर्तमान में प्रमोद यादव भाजपा की सक्रिय राजनीति करते हुए जिला महामंत्री पद की जिम्मेदारी निभा रहे थे।