संवाद न्यूज एजेंसी
जौनपुर। पुलिस की कड़ी व्यवस्था के बावजूद पूर्व सांसद धनंजय सिंह के जिला कारागार से निकलने से लेकर न्यायालय तक समर्थकों का हुजूम उमड़ा रहा। पूरा कचहरी परिसर अधिवक्ताओं व समर्थकों से भर गया था। पुलिस के सामने ही धनंजय सिंह ने वैन में खड़े होकर मीडिया से बात की।
धनंजय सिंह को कड़ी सुरक्षा के बीच 2.45 बजे जिला कारागार से दीवानी न्यायालय पहुंचाया गया। उसको वज्र वाहन पर सवार कर कई थानों की पुलिस फोर्स के वाहनों के साफ दीवानी न्यायालय के लिए रवाना किया गया। काफिले का नेतृत्व सीओ सिटी देवेश सिंह कर रहे थे। इस दौरान तीन बजे वह दीवानी न्यायालय पहुंचे। सफेद कुर्ता-पायजामा और नीले रंग की सदरी पहने कोर्ट में पेश हुए।
अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ/एमपी एमएलए शरद कुमार त्रिपाठी की अदालत में हाजिर हुए। जहां कोर्ट ने दोनों आरोपियों को अपहरण व रंगदारी में दोषी करार देने के बाद सजा के बिंदु पर सुनवाई की। इसमें धनंजय व साथी को सात साल की सजा दी गई। इसके बाद वह कड़ी सुरक्षा के बीच साढ़े चार बजे वज्र वाहन से निकले और पौने पांच बजे जिला कारागार पहुंचाए गए।
उधर, पुलिस की कड़ी व्यवस्था के बीच कोर्ट परिसर में पूर्व सांसद धनंजय सिंह के जाने के दौरान समर्थकों ने जिंदाबाद के नारे लगाए। वापसी के समय भी जोरदार नारे लगे। इस समय समर्थकों व भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। बल प्रयोग करना पड़ा। धक्का-मुक्की भी हुई। इस दौरान धनंजय समर्थक जोरदार नारे लगाते रहे। परिसर से बाहर वज्र वाहन पर बैठते हुए व जिला कारागार पहुंचने तक जिंदाबाद के नारे लगते रहे। दीवानी न्यायालय के आस-पास धनंजय समर्थकों व उनके खास नंबर वाले वाहनों का काफिला भी दिखाई पड़ा।
कोट
न्यायालय परिसर में समर्थकों व मीडिया बंधुओं की भी संख्या अधिक थी। हमारे पास पर्याप्त पुलिस बल था। इसके चलते सब कुछ नियंत्रित कर लिया गया। किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। डॉ. अजय पाल शर्मा, पुलिस अधीक्षक।