धनियामऊ में एटीएम कैश वैन के गार्ड की हत्या के मामले को लेकर पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। मामले का जल्द से जल्द खुलासा करने में लगी पुलिस कुछ स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरे को भी खंगाली। साथ ही संदिग्धों की लिस्ट तैयार की है, जिनमें प्रतापगढ़ और सुल्तानपुर इलाके के कुछ नामचीन भी शामिल हैं।
दिनदहाड़े हुए इस घटना की मानीटरिंग पुलिस महकमें के उच्चाधिकारी कर रहे हैं। जिला पुलिस बदमाशों की तलाश में कई टीमें लगा दी है। साथ सर्विलांस और क्राइम ब्रांच टीम को भी लगा दिया है। वहीं, लोग वारदात के बाद 20 जनवरी 2016 को शाहगंज में हुए लूटपाट की भी घटना को याद करते दिखे। बताते चले कि शाहगंज स्थित एचडीएफसी बैंक की फ्रेंचाइजी का कैश वैन उस समय गल्ला मंडी के व्यापरियों से 24 लाख 50 हजार रुपये लेकर बैंक में जमा करने पहुंचा था। बैंक के सामने वैन रुकी वैन का गार्ड, चालक और कलेक्शन करने वाले कर्मचारी रुपयों से भरा बैग लेकर जैसे ही आगे बढ़े। चार की संख्या में लुटेरों ने धावा बोल दिया थ और रुपयों से भरा बैग और वैन के सुरक्षा गार्ड की बंदूक लूटकर लुटेरे बाइपास मार्ग से सुल्तानपुर की ओर भाग निकले। जांच में तब यह बात सामने आई थी कि लुटेरों के दो साथी घटना के समय बाइक लेकर पहले से ही खड़े थे। पखवाड़ेभर में पुलिस ने घटना का खुलासा किया था। जिसमें सुल्तानपुर मार्ग पर एक गांव में प्रधान के कारखाने के कमरे से गार्ड की बंदूक बरामद किया। पुलिस के हत्थे सबसे पहले नगर के घास मंडी निवासी एक युवक को रेकी करने मे हिरासत में लेकर पूछताछ किया था। जिसमें घटना का पर्दाफाश हुआ।