21- कलेक्ट्रेट सभागर में जनसुनवाई करती राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष सुषमा सिंह।
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जौनपुर। यूपी राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष सुषमा सिंह ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों की सुनवाई की। इस दौरान कुल 15 मामले आए। इनमें संबंधित विभागीय अफसर से जवाब तलब करते हुए समुचित कार्रवाई का निर्देश दिया। डूडा में कार्यरत रही सूडा की ऊषा राय की बर्खास्तगी के प्रकरण में परियोजना अधिकारी को तलब करते हुए जमकर फटकार लगाई।
सुनवाई के दौरान घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, महिला उत्पीड़न, जमीनी विवाद के मामले आए। जिला प्रोबेशन अधिकारी संतोष कुमार सोनी व महिला थानाध्यक्ष तारावती यादव को निर्देश दिए कि महिलाओं, वृद्धजन आदि के उत्पीड़न से संबंधित समस्याओं को तत्काल संज्ञान में लेकर कार्रवाई करें। उन्होंने सीएमएस को निर्देश दिया कि वृद्धा आश्रम में कैंप लगाकर स्वास्थ्य परीक्षण कराएं। उन्होंने महिला उत्पीड़न के मामले रोकने के लिए आयोग की ओर से जारी व्हाट्सएप नंबर 6306511708 के इस्तेमाल के लिए जागरुक करने को कहा। सुनवाई के दौरान सूडा की ओर से तैनात की गईं ऊषा राय ने प्रार्थना पत्र देकर डूडा के परियोजना अधिकारी पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। उपाध्यक्ष ने तत्काल डूडा के परियोजना अधिकारी अनिल वर्मा को तलब किया। उनकी दलील दी थी कि डीएम के मौखिक आदेश पर ऊषा राय को हटाया गया है। यह सुनते ही उपाध्यक्ष तमतमा गईं। कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल ऊषा राय को फिर से ज्वाइन कराने को कहा। जफराबाद के हौज खास गांव निवासी रतन सिंह परमार ने पत्नी लक्ष्मी सिंह की 29 सितंबर 2014 को लूट के बाद हुई हत्या के मामले में अब तक पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई न किए जाने की शिकायत की। जनसुनवाई में एएसपी सिटी डॉ.अनिल कुमार पांडेय, सिटी मजिस्ट्रेट सुरेंद्र नाथ मिश्र, सीओ सदर सुशील कुमार सिंह, तहसीलदार सदर ज्ञानेंद्र सिंह, बीईओ जयकुमार यादव, डीपीओ मनोज कुमार वर्मा, रजनी सिंह आदि मौजूद रहे।