वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के संगोष्ठी भवन में शुक्रवार को दो दिवसीय राष्ट्रीय विज्ञान दिवस समारोह और प्रदर्शनी का शुभारंभ हो गया। उद्घाटन महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति डा. पृथ्वीश नाग ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी आज मानव जीवन में हर रूप में शामिल है।
अंतरिक्ष तकनीकी ने आज हमें भूतल एवं पर्यावरण, प्राकृतिक आपदाओं, कृषि तकनीकी, सीमा सुरक्षा, सैन्य रणनीति और ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम (जीपीएस) तकनीकी को एक बड़ा रूप दे दिया है। तकनीकी की मदद लेकर आज हम भविष्यगत योजनाओं को बना रहे हैं। प्रदर्शनी में छात्र-छात्राओं ने सालिड वेस्ट मैनेजमेंट, विंड इलेक्ट्रानिक हाउस, सोशल साइट चैट आन पूर्वांचल, मिसाइल सहित कुल 57 मॉडल प्रस्तुत किए।
पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम को संदर्भित करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को जीवन में रटकर कुछ नहीं मिलने वाला है, सृजनात्मकता की जरूरत है। प्रो. डीडी दूबे ने कहा कि विज्ञान आज मानव कल्याण के लिए कार्य कर रहा है। आज के समय में तकनीकी का जो विस्तार हुआ है, उसका श्रेय वैज्ञानिक सीवी रमन को जाता है। सीमित संसाधनों के बावजूद उनके द्वारा की गई खोज शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है।
संयोजक प्रो. बीबी तिवारी ने स्वागत भाषण में कहा कि रमन इफेक्ट का उपयोग इंटरनेट के साधनों में भी होता है। जिसकी शायद स्वयं रमन ने भी कल्पना नहीं की होगी। डा. प्रदीप कुमार एवं डा. संतोष कुमार ने वक्ताओं का विस्तार से परिचय प्रस्तुत किया। डा. अशोक श्रीवास्तव ने आभार जताया। संचालन बीटेक की छात्रा अनामिका सिंह और कासिमा उपाध्याय ने संयुक्त रूप से किया। इंजीनियरिंग संस्थान में छात्रों ने वैज्ञानिक माडलों की प्रदर्शनी लगाई।
इन मॉडलों के माध्यम से छात्रों ने अपनी सृजन क्षमता को प्रदर्शित किया। प्रदर्शनी का संयोजन इंजीनियरिंग संस्थान के विद्यार्थी पीयूष, साकिया, स्वाति, वैभव, गौरव, शीलनिधि ने किया। इस मौके पर प्रो. वीके सिंह, प्रो. रामजी लाल, संदीप सिंह, रजनीश भाष्कर, रवि प्रकाश, डा. संजीव गंगवार, डा. सौरभ पाल, डा. वंदना राय, डा. मनोज मिश्रा, डा. राजेश शर्मा, डा. एसपी तिवारी, डा. सुनील कुमार, डा. रुश्दा आजमी आदि मौजूद रहे।