कटाहित खास गांव में पट्टे की जमीन पर कब्जे को लेकर शुक्रवार को दो पक्ष आमने-सामने हो गए। कब्जे के विरोध में दलित समुदाय के लोगों ने हंगामा किया और अपात्रों को पट्टा देने का आरोप लगाते हुए मछलीशहर-बरईपार मार्ग पर धरना शुरू कर दिया। मौके पर पहुंचे एसडीएम ने जमीन से कब्जा हटवाकर मामला शांत कराया।
मछलीशहर-बरईपार मार्ग पर कटाहित खास गांव में 2.04 एकड़ जमीन 1992 में 73 लोगों के नाम पट्टा की गई थी। इसमें मुख्य रूप से यादव और दलित समुदाय के लोग शामिल थे। अपात्रों को पट्टा देने का आरोप लगाते हुए दलित पक्ष से रजई ने 1995 में मुकदमा दायर कर दिया। 2011 में एडीएम ने दो पट्टे निरस्त कर दिए। 71 लोगों का पट्टा मान्य हुआ। इसमें 39 पट्टा यादव और कुछ अन्य जातियों के लोगों के नाम किए गए, जबकि 32 पट्टा अनुसूचित जाति के लोगों के नाम हुआ।
इसके बाद वादी ने कमिश्नर के यहां अपील कर दी। उधर, शुक्रवार को यादव समुदाय के पट्टाधारकों ने लेखपाल को बुलाकर भूमि की नाप करवाकर कब्जा ले लिया। इसके विरोध में शुक्रवार को दलित समुदाय के समर बहादुर, रामचंदर, दिवाकर, राधेश्याम, लालजी समेत अन्य ने कटाहित खास गांव में मछलीशहर-बरईपार मार्ग पर हंगामा शुरू कर दिया। कहा कि कई अपात्रों को पट्टा कर दिया गया है। इन लोगों ने पट्टे का आवंटन ठीक करवाने और जमीन से कब्जा हटवाने की मांग की।
कहा कि जब यह मामला कमिश्नर के यहां लंबित है तो उस पर कब्जा नहीं दिलाया जाना चाहिए। जानकारी मिलने के बाद मछलीशहर एसडीएम विजय बहादुर सिंह और सीओ अजेय शर्मा मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने के बाद कब्जा हटवा दिया। एसडीएम ने कहा कि कब्जा हटवा दिया गया है। जमीन का चिह्नांकन भी ठीक से नहीं हुआ है।