उनमें निषाद, दलित, राजभर आदि लोगों का पता ही नहीं चला। उन्होंने कहा कि इस समय प्रदेश में बच्चियों से यौन अपराध फिर उनकी हत्या की घटनाएं बढ़ी हैं। दलितों, पिछड़ों, गरीबों, अल्पसंख्यकों के साथ ही अधिकतर ऐसी घटनाएं हो रही हैं। थानों पर लोगों की सुनवाई नहीं हो रही है।
सरकार सभी संस्थाओं को बेच रही है। अध्यक्षता रमेश निषाद ने की। इस दौरान कार्यक्रम संयोजक विवेक मौर्य रहे। सम्मेलन में विजय नारायन वर्मा, सुषमा मौर्य, ज्ञान प्रकाश मौर्य आदि मौजूद रहे।