जौनपुर। थाना समाधान दिवस पर शनिवार को अधिकतर थानों में सन्नाटा दिखा। फरियादियों से कहीं अधिक संख्या राजस्व कर्मचारियों, अधिकारियों और पुलिस की थी। फरियादियों के इंतजार में ही उनका दिन बीता। एएसपी ग्रामीण ने थानेदारों को निर्देश दिया कि वह इस बात का प्रचार प्रसार कराएं कि अब थानों में हर शनिवार को समाधान दिवस का आयोजन होगा। थाने में फरियादी नहीं दिख रहे और अधिकारियों के पास रोज फरियादियों की भीड़ पहुंचती है। इसका मतलब की प्रचार प्रसार में कमी है।
शनिवार को अमर उजाला ने विभिन्न थानों में समाधान दिवस की पड़ताल की तो पता चला कि गिने चुने ही फरियादी पहुंचे थे। एएसपी ग्रामीण त्रिभुवन सिंह ने बक्शा में जनता की समस्याएं सुनी। यहां सुनवाई के लिए कानूनगो और लेखपाल समेत 24 राजस्व कर्मचारी अधिकारी थे जबकि फरियादियों की संख्या महज आठ थी। एएसपी ने कहा कि या तो थाना समाधान दिवस का ठीक से प्रचार नहीं किया गया है या फिर लोगों को यहां से समस्या निस्तारण का भरोसा नहीं रह गया है। उन्होंने एसओ बक्शा को हिदायत दी कि वह इस बात का प्रचार प्रसार इलाके में कराएं कि अब थाना समाधान दिवस महीने में सभी शनिवार को आयोजित किया जाएगा। यहां आए आठ मामलों में से पांच का निस्तारण किया गया। उधर महराजगंज थाने पर भी ऐसी ही स्थिति रही। यहां नौ मामले आए जिसमें से छह का निस्तारण किया गया। फरियादियों की संख्या कम होने के चलते राजस्व कर्मचारी आपस में ही बातें करते नजर आए। थानाध्यक्ष भी पुलिस विभाग से संबंधित मामले निबटाने में मशगूल रहे।