औड़िहार-जौनपुर रेलमार्ग पर विभिन्न स्टेशनों के बीच बने रेलवे अंडरपास से गुजरने में लोगों को पसीने छूट जा रहे हैं। कुछ लोग जान जोखिम में डालकर अंडरपास से गुजर रहे हैं। पास होने के बाद लग रहा है कि यह अंडरपास सभी के लिए परेशानी का कारण बन गया है। अधिकांश बाइक सवार अंडरपास से पास होने के चक्कर में गिरकर चुटहिल हो जा रहे है। कुछ की गाड़ी पानी में जाने से बिगड़ जा रही है। इसके बाद लोगों को दो-दो किलोमीटर पैदल गाड़ी ले जाना पड़ रहा है।
रेलवे विभाग ने जौनपुर-औड़िहार रेलमार्ग पर विभिन्न क्रासिंगों की जगहों पर गेट को हटाकर आवागमन के लिए अंडरपास बनवाया है। मानसून के कारण बरसात हुई और अंडरपास में पांच फीट तक पानी भर गया। जिससे केराकत के मुरलीपुर अंडरपास से होकर भैरोभानपुर, झिझवारा, डेडुवाना, सूरतपुर, झमका, पेसारा, गोविंदपुर, पचवर, छितौना, बेलहरी सहित गौराबादशाहपुर आने जाने वाले लोगों को यह अंडरपास परेशानी का सबब बन गया है। अण्डरपास में पानी भरा देख लोगों को कई किमी दूर घूमकर जाना पड़ता है। वहीं कुछ लोग जाने का प्रयास करते है, दर्जनों बाइक और कार खराब हो गए। इंजनों में पानी भर जाने से बाइक और कार सीज होने तक की नौबत आ रही है। झिझवारा गांव निवासी राजन यादव ने बताया कि पहले अंडरपास में पानी भरने की स्थिति में एक हेल्पलाईन नम्बर लिखा गया था, लेकिन अब वो भी किसी के द्वारा मिटा दिया गया है, जिसके कारण किससे कहना है कौन जिम्मेदार है इसका ये भी नहीं समझ आ रहा है।