अब शहर के ग्रीन लैंड क्षेत्र में अतिक्रमण को लेकर प्रशासन की नजरें टेढ़ी हो गई हैं। प्रशासन की तरफ से अतिक्रमण कर बने भवनों के 70 स्वामियों को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में अतिक्रमण के संबंध में जवाब मांगा गया है। जवाब उचित नहीं मिलने पर भवनों को गिराने का कार्य किया जाएगा।
जौनपुर महायोजना 2021 में पार्क के लिए आरक्षित भूमि पर व्यावसायिक व आवासीय भवन बना लिए गए हैं। सबसे अधिक अवैध अतिक्रमण नए पुल से वाजिदपुर तिराहा, चांदमारी और कंहईपुर देहात, बदलापुर पड़ाव से कलीचाबाद पुलिया, शिया कालेज से हम्जा चिश्ती तक, लाइन बाजार से खरका कालोनी तक, गंगापट्टी कला, जगदीशपुर, माधुरी चौरसिया से आदमपुर मार्ग तक, नई मंडी के पीछे भवानीपुर, प्रसाद से चौकिया मार्ग तक किया गया है। इसी तरह से नईगंज तिराहा से ईदगाह मार्ग तक, लखनपुर से सरफराजपुर तक, सीहीपुर से सैदनपुर तक, पचहटिया, मंडी मार्ग से चितरसारी रोड तक, प्रेमराजपुर मार्ग पर भी ऐसे भवन बनाए गए हैं। ऐसे व्यवसायिक व आवासीय भवनों के 70 स्वामियों को नोटिस जारी किया गया है। जवाब नहीं मिलने पर भवनों को गिराया जाएगा। सिटी मजिस्ट्रेट अनिल अग्निहोत्री का कहना है कि शहर के ग्रीन बेल्ट में निषिद्ध क्षेत्र में अतिक्रमण किया गया है। जो भूमि जौनपुर महायोजना 2021 में पार्क के लिए आरक्षित है, उस पर अतिक्रमण करने वाले 70 लोगों को नोटिस जारी किया गया है। संबंधित लोगों से एक सप्ताह में जवाब मांगा गया है। ऐसा नहीं होने पर अतिक्रमण किए हिस्से को गिरा दिया जाएगा।