यह अदावत इस कदर बढ़ी कि दोनों एक-दूसरे का हर नुकसान करने को आतुर हो गए थे। वर्ष 2016 में बजरंगी के साले पुष्पजीत सिंह की हत्या में भी बजरंगी के विरोधी खेमे का नाम आया था और दिसंबर 2017 में बजरंगी के एक अन्य करीबी तारिक की लखनऊ में हुई हत्या में भी मेराज की संलिप्तता की चर्चा रही। हालांकि केस दर्ज कराने के बाद मुकदमे की वादी रहीं तारिक की पत्नी नामजदगी से मुकर गईं, लिहाजा सभी आरोपियों का नाम बाहर कर दिया गया।
जुलाई 2018 में बागपत जेल के अंदर दुस्साहसिक ढंग से मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद पत्नी सीमा सिंह ने बड़ी साजिश का आरोप लगाया था। इसमें राजनीतिक व प्रशासनिक गठजोड़ के साथ मेराज का भी नाम लिया था। बजरंगी के पैतृक गांव सुरेरी थाना के पूरे दयाल में शव पहुंचने पर बिलखते हुए सीमा सिंह चीख-चीख कर मेराज का नाम ले रही थीं।
पुलिस को दिए बयान में भी उन्होंने मेराज का नाम लिया था। हालांकि बाद में यह जांच सीबीआई को ट्रांसफर हो गई। बजरंगी की हत्या की टीस उसके गैंग को अब तक सालती रही है। ऐसे में चित्रकूट जेल के अंदर ठीक उसी तरह मेराज की हत्या को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।