वह कुछ दूरी पर स्थित कुएं पर पहुंची और बेटी को धकेल दिया और दोनों बेटों को लेकर कुएं में कूद गई। पास में घास काट रहे छोटे लाल प्रजापति ने कुएं में कुछ गिरने की आवाज सुनी तो दौड़ पड़े। लोगों ने अंतिमा को बाहर निकाला।
इसके बाद कुएं में देखा तो जुड़वां बेटों के शव पानी में उतराए थे। बेटी की तलाश की जा रही है। भाई अनिल के मुताबिक अंतिमा की दिमागी हालत ठीक नहीं है। दो साल से उसका इलाज जौनपुर के एक अस्पताल से चल रहा है।
बच्चों के लिए कुएं में तड़प रही थी अंतिमा
कुएं में गिरने के बाद अंतिमा अपने बच्चों को पानी में खोजने का प्रयास भी कर रही थी। जब गांव के लोग उसे बाहर निकाल रहे थे तो वह अपने बच्चों के लिए परेशान थी, और उन्हें चीखते हुए खोज रही थी। लेकिन, गांव के लोगों के समझाने पर वो रस्सी के सहारे बाहर आई।
कुएं से पानी निकालने का हो रहा था प्रयास
घटना की जानकारी होने के दो घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची। रात आठ बजे अगहुआ गांव पहुंचे सीओ मछलीशहर अतर सिंह ने फायर ब्रिडेग को बुलाया। वहीं, इसके पहले पंपिंग से चलवाकर कुएं से पानी कम करवाने का काम शुरू कराया। लोगों ने बताया कि कुएं से पानी निकलाने पर अंदर पड़ी लाश दिखाई पड़ जाएगी और उसे बाहर निकाल लिया जाएगा।