खुटहन। गोबरहा गांव में मनरेगा से कागजों पर कराए गए समतलीकरण, मेड़बंदी और बकरी सेड के आरोपों की जांच में ढाई लाख से अधिक के घोटाले का मामला प्रकाश में आया है। डीसी मनरेगा भूपेंद्र कुमार सिंह की ओर से की गई स्थलीय जांच में काम न होना पाया गया, जबकि कागज पर सात किसानों के खेत की मेड़बंदी और एक बकरी सेड बना दिखाया गया है।
गोबरहां गांव निवासी आरती देवी और सौरभ गिरी ने अपर आयुक्त मनरेगा लखनऊ को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि ग्राम प्रधान द्वारा फर्जी तरीके से गांव के सात किसानों के खेत का समतलीकरण और मेड़बंदी सहित एक बकरी सेड का बिना काम कराए लाखों रुपये सरकारी धन निकाल लिया गया है, जिसकी जांच करने के लिए डीसी मनरेगा को नामित किया गया। उन्होंने मौके पर जाकर जांच की तो शिकायत सही पाई गई, जिसके बाद डीसी मनरेगा ने अपनी जांच आख्या अपर आयुक्त को प्रेषित कर दिया है। उन्होंने बताया कि जांच में दो लाख अट्ठासी हजार 886 रुपये सरकारी धन का दुरुपयोग पाया गया, जिसकी वसूली ग्राम प्रधान, सचिव और जेई से बराबर बराबर की जाएगी। जांच के दौरान शिकायत सही पाई है, जो भी घोटाले की धनराशि है। उसे प्रधान, जेई व सचिव से बराबर-बराबर वसूली जाएगी। - भूपेंद्र कुमार सिंह, डीसी मनरेगा