सुरक्षा और सुविधाएं बढ़ाने के लिए मंगलवार को लेखपाल संघ ने कलेक्ट्रेट प्रेक्षागृह में बैठक की और तहसीलों में धरना दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित 10 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
लेखपालों का कहना है कि छह माह से शासन एंटी भू माफिया, सीमा द्योतक चिह्नों की कोडिंग, ऋण मोचन जैसे योजनाएं चलाई जा रही हैं। कामों की अधिकता से लेखपाल तनाव में रह रहे हैं। कृषि विभाग भ्रामक सूचनाएं दे रहा है। इससे किसानों की लेखपालों से नाराजगी बढ़ रही है और भूमाफिया के निशाने पर लेखपाल आ गए हैं। आए दिन मारपीट और हत्या की घटनाएं हो रही है। लेखपालों ने अलीगढ़, आगरा, चंदौली में हुई घटनाओं का जिक्र किया। इस मौके पर सदर तहसील के अध्यक्ष कृष्णानंद पांडेय, विष्णु नरायन सिंह, राम प्रताप सिंह, अरविंद पांडेय, हरिकेश विश्वकर्मा, विक्रांत सिंह, ओम प्रकाश तिवारी, अर्चना कुमारी, बलवंत सिंह आदि मौजूद रहे। शाहगंज और केराकत तहसीलों में भी लेखपालों ने धरना दिया और एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
मछलीशहर: तहसील सभागार में लेखपालों ने मंगलवार को धरना दिया। इसके बाद मांगों का ज्ञापन उपजिलाधिकारी विमल कुमार दूबे को सौंपा। इस मौके पर बृजेश कुमार यादव, जयचंद, राकेश गौड़, दुर्गेश यादव, राहुल सिंह, अमन सिंह, शेर बहादुर, सूरज, अविनाश, अश्वनी, परमानंद, रमेश आदि उपस्थित रहे। अध्यक्षता लाल चंद्र पाण्डेय ने किया।
बदलापुर: लेखपाल संघ ने दस सूत्रीय मांगों को लेकर मंगलवार को एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। वक्ताओं ने कहा कि दबंग किस्म के लोग गलत काम कराने की गरज से लेखपालों पर दबाव बनाते हैं। इस मौके पर रामनारायण यादव, जनार्दन मिश्र, शैलेंद्र मिश्र, संदीप दुबे, अजय पांडेय, अशोक यादव, सोनी सिंह, रूकमणि आदि मौजूद रहे।
मडियाहूं: लेखपाल संघ की बैठक तहसील सभागार में संघ के अध्यक्ष संजय कुमार की अध्यक्षता में हुई। इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित 8 सूत्रीय मांग पत्र उप जिलाधिकारी मड़ियाहूं को सौंपा। इस मौके पर शिवशंकर, आदर्श श्रीवास्तव, अवधेश मौर्य, दिनेश पटेल, शैलेंद्र कुमार, पूनम, सारिका सिंह आदि मौजूद रही।