मकर संक्रांति यानी खिचड़ी के लिए बाजार सज गए हैं। शहर से लेकर गांव तक तिल की सुगंध, गुड़ की मिठास चहुंओर बिखर गई है। लोगों ने पर्व के लिए लाई-चूड़ा आदि की खरीदारी शुरू कर दी है।
बच्चे पतंग की खरीदारी में जुटे हैं। हालांकि पिछले साल की अपेक्षा इस बार गुड़ के उत्पाद महंगे हैं। स्नान और अन्नदान का महापर्व मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाया जाएगा। इसके मद्देनजर शहर के कोतवाली, भंडारी रोड, पाॅलिटेक्निक, नईगंज, ओलंदगंज समेत ग्रामणी क्षेत्र के बाजारों में लाई, तिलकुट, चूड़ा की दुकानें सज गई हैं। तिलपट्टी 180, लेडुआ 80 से 120, पट्टी मूंगफली 120 से 140, तिलकुट 180 से 200, लाई 50 से 60, चूड़ा 60 से 70 रुपये प्रतिकिलो मिल रहा है। दुकान सजाए बैठे दुकानदार भी ग्राहकों की भीड़ देख उत्साहित हैं। कड़ाके की ठंड और गलन के बाद भी बहनों के यहां खिचड़ी पहुंचाने के लिए लोग उत्साहित हैं।
खरीदारों की भीड़ से शनिवार को दुकानदारों के चेहरे खिले दिखे। पाॅलिटेक्निक चौराहे पर खरीदारी करने के लिए पहुंचे दिनेश यादव, राजेश सिंह ने बताया है कि पहले की अपेक्षा अब हर सामान पर मंहगाई का असर है। फिर भी परंपरा के लिए जरूरत के अनुसार सामान की खरीदारी की। मकर संक्रांति के दिन स्नान व्रत, कथा दान और भगवान सूर्यदेव की उपासना करने का विशेष महत्व होता है। इस दिन किया गया दान फलदायी होता है।
पतंग के लिए बच्चे सुबह से पतंग खरीदारी में जुटे रहे। फिरतू राम पपड़ी विक्रेता चंद्रेश कुमार ने बताया कि खिचड़ी त्योहार के मद्देनजर खरीदारों की भीड़ हो रही है।
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