जौनपुर। मल्हनी विधानसभा सीट पर उम्मीदवारों की तस्वीर लगभग साफ हो गई है। सपा, बसपा के बाद अब कांग्रेस और भाजपा ने भी पत्ते खोल दिए हैं। कांग्रेस ने जहां राकेश मिश्र उर्फ मंगला गुरु पर दांव लगाया है तो भाजपा ने प्रयागराज विवि के छात्र नेता रहे मनोज सिंह को उम्मीदवार बनाया है। चारों प्रमुख दलों के उम्मीदवार घोषित होने के साथ ही मल्हनी सीट पर चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। अब पूर्व सांसद धनंजय सिंह निर्दल चुनाव लड़ने के कयास लगाए जा रहे हैं।
उपचुनाव की घोषणा के बाद से ही सबकी निगाहें प्रमुख दलों के उम्मीदवारों पर टिकी थीं। सपा से दिवंगत पारसनाथ यादव के पुत्र लकी यादव का मैदान में उतरना तय था। पार्टी ने उनके नाम मुहर भी लगा दी। बसपा ने महीनों से क्षेत्र में प्रभारी बनकर घूम रहे मनोज सिंह सोमवंशी को दरकिनार कर जयप्रकाश दुबे पर दांव लगाया। इसके बाद से सत्ताधारी भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों के नाम का एलान होने का इंतजार किया जा रहा था। भाजपा से कई दावेदार थे। वर्ष 2017 में चुनाव लड़ चुके सतीश सिंह, वर्ष 2012 में बसपा से मैदान में उतरे पाणिनी सिंह, छात्रनेता मनोज सिंह, पूर्व विधायक सीमा द्विवेदी समेत एक दर्जन लोगों ने टिकट की इच्छा जताई थी। पिछले दिनों सोशल मीडिया पाणिनी सिंह के नाम की सूची भी खूब वायरल हुई। इन अटकलोें और अफवाह को विराम देते हुए मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी ने मनोज सिंह के नाम का एलान कर दिया। बरसठी ब्लाक के बबुरी गांव निवासी मनोज सिंह इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के उपाध्यक्ष रहे हैं। उनकी पत्नी रूबी सिंह बरसठी ब्लाक की प्रमुख रह चुकी हैं। रूबी सिंह ने पूर्व मंत्री पारसनाथ यादव की पत्नी ब्लाक प्रमुख चुनाव में हराया था। पिछले दिनों मुख्यमंत्री आगमन के दौरान भी मनोज सिंह के समर्थकों उनकी दावेदारी जताई थी। उधर, कांग्रेस ने सिकरारा के समाधगंज निवासी राकेश मिश्र उर्फ मंगला गुरु को उम्मीदवार बनाया है। वर्ष 1984 से यूथ कांग्रेस से जुड़े राकेश मिश्र ग्राम प्रधान संघ के अध्यक्ष रह चुके हैं। वह कांग्रेस मनरेगा निगरानी समिति के जिला चेयरमैन भी थे। कांग्रेस सेवादल के जिलाध्यक्ष, कांग्रेस जिला सचिव और जिलाध्यक्ष रह चुके हैं। बीडीसी संघ के भी जिलाध्यक्ष चुने गए। प्रमुख दलों के उम्मीदवार घोषित होने के बाद मल्हनी के चुनाव में अब जोर पकड़ने की उम्मीद है।
...तो निर्दल ही मैदान में आएंगे धनंजय सिंह
जौनपुर। प्रमुख दलों के बाद सबकी निगाह पूर्व सांसद धनंजय सिंह पर टिकी है। मल्हनी सीट पहले रारी नाम से जाती थी। तब धनंजय दो बाद विधायक रह चुुके हैं। इसी सीट पर एक बार उनके पिता भी निर्वाचित हुए हैं। वर्ष 2012 और 2017 के चुनाव में भी सपा प्रत्याशी पारसनाथ यादव का सीधा मुकाबला धनंजय सिंह के परिवार के लोगों से ही था। इस बार भी उन्होंने चुनाव में उतरने की पूरी तैयारी की है। नामांकन पत्र भी खरीद लिया है। पहले चर्चा थी कि वह किसी प्रमुख दल से उम्मीदवार बनाए जा सकते हैं, मगर कुछ बिंदुओं पर सहमति नहीं बनी। लिहाजा अब धनंजय सिंह का निर्दलीय के रुप में ही मैदान में उतरना तय माना जा रहा है।
तीसरे दिन नामांकन नहीं, कृपाशंकर समेत दो ने लिया पर्चा
जौनपुर। टिकट के ऊहापोह के बीच मंगलवार को मल्हनी सीट पर नामांकन के लिए दो लोगों ने पर्चा खरीदा। रोचक बात यह रही कि पूर्व डीआईजी कृपाशंकर सिंह ने भी भाजपा उम्मीदवार के रुप में पर्चा खरीदा है। उन्होंने चार सेट में पर्चा लिया। हालांकि इसके कुछ घंटे बाद ही पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी का नाम घोषित हो गया। एक नामांकन फार्म ओमप्रकाश यादव ने निर्दल उम्मीदवार के रुप में लिया है। तीसरे दिन कोई नामांकन नहीं हो सका।