जौनपुर। कलेक्ट्रेट स्थित प्रेक्षागृह में सोमवार को राजपूत सेवा समिति के सदस्यों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ शूरवीर महाराणा प्रताप का जयंती समारोह के माध्यम से मनाया गया। लोगों ने उनकी वीरता, पराक्रम व शौर्य को याद करते हुए उनके जीवन गाथा पर चर्चा की। समिति के लोगों ने मांग की कि नगर में महाराणा प्रताप की एक मूर्ति स्थापित किया जाए। साथ ही जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग की।
मुख्य अतिथि पद्मश्री ठाकुर चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप भारतीय इतिहास के एक बीर सपूत है जिनकी प्रेरणा से आज भी युवा पीढ़ी उत्साहित हो रही है। महाराणा प्रताप का नाम इतिहास में और दृढ़ प्रण के लिए अमर है। देश की आन-बान शान के लिए वर्षो तक संघर्ष करते रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महाराष्ट्र सरकार के पूर्व गृहमंत्री कृपाशंकर सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप ने कभी वसूलो के साथ समझौता नहीं किया। उनके जयंती पर सार्वजनिक अवकाश के लिए मुख्यमंत्री से मांग की जाएगी। विशिष्ट अतिथि सिंगरामऊ स्टेट के कुंवर जयसिंह ने महाराणा प्रताप के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मातृभूमि की रक्षा के लिए संघर्ष करते हुए अपने प्राण त्याग दिया। जिन्होंने कभी घास से बनी रोटी खाने का विकल्प चुना लेकिन कभी भी अपना धर्म और अपना अभिमान अकबर को नहीं दिया।