जहर खाकर प्रेमी युगल के जान देने के बाद सदरुद्दीनपुर गांव में हर कोई स्तब्ध है। दोनों परिवारों में जहां मातम छाया रहा तो अन्य घरों में भी पूरे दिन इसी की चर्चा रही। दोनों के परिवार वाले शादी के लिए भले ही सहमत नहीं थे, लेकिन उन्हें यह भी उम्मीद नहीं थी कि दोनों ऐसा खौफनाक कदम उठा लेंगे।
19 वर्षीय युवती की मां का निधन चार साल पहले हो चुका है। इस सदमे के बाद से पिता भी बेसुध रहते थे। घर में बेटी अकेली थी। पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण ही वह ज्यादा पढ़-लिख नहीं सकी थी। पांचवीं की पढ़ाई के बाद से घरेलू काम में लग गई थी। चाचा-चाची व अन्य सदस्यों पर उसकी देखभाल का जिम्मा था।
प्रेमी युगल के बीच नजदीकी की भनक परिवार वालों को पहले ही लग चुकी थी। दोनों को उम्मीद थी कि स्वजातीय होने के कारण उनकी शादी पर सभी सहमत हो जाएंगे, लेकिन दोनों के ही परिवार वाले इस रिश्ते को तैयार नहीं हुए।
ग्रामीणों के मुताबिक मौत को गले लगाने से पहले दोनों रविवार की शाम गांव के पास एक दुकान पर देखे गए थे। वहां से उन्होंने समोसा भी खरीदा था। इसके बाद उन्हें सुबह सूखे नाले में ही एक साथ देखा गया। पूरा गांव इस घटना से सकते में है। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।