काैशल, प्रिंस और अमन पाठक सहित चार गिरफ्तार।
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इस बात की जानकारी जब शमशेर को हुई तो उसने युवक को ऐसा करने से मना किया और चेतावनी भी दी थी। इस मामले में 18 जुलाई को कोतवाली में दोनों पक्षों में सुलह भी हो गई थी। बुधवार की दोपहर में सूरज चौहान गांव के सरकारी ट्यूबवेल पर पाइप डाल रहा था।
तभी शिवम के पांच साथी वहां पहुंचे और सूरज की पिटाई कर घायल कर दिया। इसकी जानकारी होने पर शमशेर भाई को बचाने जा रहा था। इस दौरान गांव के गोदाम के पास मनबढ़ों ने उस पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। इससे वह लहूलुहान होकर गिर गया। उसे ग्रामीणों की मदद से केराकत सीएचसी ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
सूचना पर पुलिस अधीक्षक डाॅ. कौस्तुभ कुमार व एसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव, सीओ अजीत रजक व सर्किल के सभी थाना प्रभारी घटनास्थल पर पहुंचे और परिजनों से जानकारी ली। उधर, घटना की जानकारी होने पर मां तारा देवी बेहाल हो गई हैं।
युवक की हत्या के बाद माैके पर माैजूद पुलिस।
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इंस्टाग्राम से हुई थी जान पहचान, चल रही थी शादी की तैयारी
केराकत के पसेवा में युवती के भाई की बुधवार को हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आया कि शमशेर चौहान की बहन से पड़ोस के गांव के एक युवक की इंस्टाग्राम के जरिये जान-पहचान हुई थी। धीरे-धीरे दोनों में प्रेम संबंध हो गया। एडिशनल एसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव ने बताया कि दोनों की शादी की तैयारी भी चल रही थी, लेकिन पारिवारिक असहमति के कारण यह संभव नहीं हो सका।
एएसपी सिटी ने बताया कि 9 जुलाई को शिवम ने युवती को मध्य प्रदेश के मनमाड़ जिला बुलाने की कोशिश की थी। वह जौनपुर जंक्शन भी पहुंच गई थी। इसकी जानकारी होने पर परिजन उसे समझा बुझाकर घर ले आए। फिर 18 जुलाई को युवती के भाई और प्रेमी के बीच मारपीट हुई थी।
इकलौता कमाऊ बेटा था : मृतक के पिता जयदेव चौहान ने बिलखते हुए बताया कि शमशेर मेरा इकलौता कमाऊ बेटा था। घर की सारी ज़िम्मेदारी उसी के कंधे पर थी। अभी दो बहनों की शादी करनी थी। गांव भर का दुलारा था।
इस मामले में दर्ज मुकदमे में पांच नामजद आरोपियों में से डब्लू सिंह को पहले ही गिरफ्तार किया गया। तीन मुख्य आरोपी जिन्होंने बाइक पर एक साथ पहुंचकर घटना को अंजाम दिया था उसमें जीशू पाठक, प्रिंस सिंह, कौशल सिंह को भी देरशाम गिरफ्तार किया जा चुका है। - आयुष श्रीवास्तव, एएसपी सिटी
मृतक के पिता का बयान
मृतक के पिता जयदेव चौहान ने बिलखते हुए बताया कि शमशेर मेरा इकलौता कमाऊ बेटा था। घर की सारी ज़िम्मेदारी उसी के कंधे पर थी। अभी दो बहनों की शादी करनी थी। गांव भर का दुलारा था। पिता की आंखों में बेटे की चीता से पहले बेटियों के भविष्य की चिंता साफ झलक रही थी। गांव में हर किसी की आंख नम है और लोग यह सवाल कर रहे हैं कि बहन की इज्ज़त बचाने वाला भाई आखिर क्यों मारा गया।