जौनपुर के जिलाध्यक्ष लालबहादुर सिंह बताते हैं कि डॉ. केपी यादव ने बीएचयू के सिरॉमिक इंजीनियरिंग में रिसर्च एसोसिएट के रूप में दूषित पानी को रिफाइन करके पेयजल में बदलने पर शोध किया था। वर्ष 1992 में उन्हें अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ इलू नॉइज से बुलावा भी आया। वे पासपोर्ट बनवाने लखनऊ जा रहे थे, तभी पता चला कि मुलायम सिंह को केंद्रीय कारागार वाराणसी में बंद किया गया है। इस पर वे सीधे मुलायम सिंह से मुलाकात की। इसके बाद अपने साथियों के साथ उन्होंने कैंट स्टेशन पर श्रमजीवी एक्सप्रेस को रोक लिया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर चौकाघाट जेल में बंद कर दिया था।
सपा पार्टी कार्यालय में डॉ. केपी यादव को दी गई श्रद्धांजलि
डॉ. केपी यादव का शव देर शाम जौनपुर से वाराणसी के अर्दली बाजार स्थित पार्टी कार्यालय पहुंचा। जहां श्रद्धांजलि देने के बाद सपा के झंडे में शव लपेटकर अंतिम संस्कार के लिए मणिकर्णिका घाट ले जाया गया। घाट पर उनके पुत्र विवेक रंजन ने मुखाग्नि दी। श्रद्धांजलि सभा में एमएलसी आशुतोष सिन्हा, पूर्व मंत्री बहादुर सिंह यादव, प्रदेश सचिव वरुण सिंह, पूर्व मंत्री सुरेंद्र पटेल, मनोज राय धूपचंडी, रितेश केसरी, जिलाध्यक्ष सुजीत यादव, महानगर अध्यक्ष विष्णु शर्मा, पीयूष यादव, ओपी सिंह, जितेंद्र यादव ने श्रद्धांजलि दी। उधर चंपक कटरा में चंदौली के पूर्व सांसद रामकिशुन यादव की अध्यक्षता में श्रद्धांजलि सभा हुई। इस दौरान भदोही के पूर्व विधायक जाहिद बेग, राधारमण मिश्रा, मेवा लाल पटेल, प्रेम गुप्ता, बद्री यादव आदि शामिल रहे।