करंजाकला। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती बुधवार को मां दुर्गा इंटर कॉलेज सिद्दीकपुर में किसान दिवस के रुप में मनाई गई। समारोह में उत्कृष्ट खेती पर 17 प्रगतिशील किसानों को सात हजार रुपये और द्वितीय स्थान पर 17 किसानों को 5-5 हजार रुपये देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान फसल प्रदर्शनी भी लगाई गई। किसानों को आधुनिक और उन्नतशील खेती के गुर सिखाए गए।
मुख्य अतिथि विधायक बदलापुर रमेश मिश्र ने कहा कि देश-प्रदेश की सरकार किसानों की प्रगति के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। आय दोगुनी करने के लिए किसान पारंपरिक खेती से हटकर नई तकनीकों को अपनाएं। डीएम दिनेश कुमार सिंह ने किसानों को नकदी फसल उगाने पर जोर दिया। उन्होंने प्रगतिशील किसानों के अनुभव पूछे और उससे अन्य किसानों को प्रेरणा लेने के लिए प्रेरित किया। संचालन डिप्टी पीडी आत्मा रमेश चंद्र यादव ने किया। कार्यक्रम में उपनिदेशक कृषि जयप्रकाश, जिला कृषि अधिकारी अमित चौबे, कृषि वैज्ञानिक डॉ. सुरेश कन्नौजिया, डॉ. नरेंद्र रघुवंशी, विनोद कन्नौजिया, भूमि संरक्षण अधिकारी शशिकेश सिंह, जिला कृषि रक्षा अधिकारी राजेश राय, जिला गन्ना अधिकारी हुदा सिद्दीकी, मत्स्य अधिकारी राजीव गुप्ता, शरद पटेल आदि मौजूद रहे।
एक बीघे में टमाटर की खेती से कमाया 80 हजार
करंजाकला। किसान दिवस पर कार्यक्रम में धर्मापुर ब्लाक के जयप्रकाश यादव को टमाटर की बेहतर खेती के लिए सम्मानित किया गया। उन्होंने एक बीघे की खेती से 80 हजार रुपये मुनाफा कमाया। इससे पहले वह गेहूं-धान की खेती पर ही पूरी तरह निर्भर थे। जयप्रकाश ने बताया कि खेती में बीस हजार रुपये की लागत आई थी। खेती में गोबर की खाद, पचास किलो डाई, एक क्विंटल नीम की खली, दस किलो जिंक का इस्तेमाल किया था। टमाटर की अच्छी पैदावार देख आसपास के दूसरे किसान भी प्रोत्साहित हुए हैं।
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चार बीघे में उगाया 64 क्विंटल गेहूं
करंजाकला। गेहूं की अच्छी पैदावार के लिए करंजाकला ब्लाक के उत्तर पट्टी गांव निवासी अंसार अली खान को सम्मानित किया गया। उन्होंने चार बीघे में 64 क्विंटल गेहूं पैदा किया। अंसार अली ने बताया कि लघु किसान होने पर चार बीघे खेत में गेहूं एचडी-2967 की बोआई की थी। इसमें कुल पैंतीस हजार रुपये की लागत आई। डाई, यूरिया, पोटाश के सीमित इस्तेमाल और निरंतर देखभाल से 64 क्विंटल गेहूं की पैदावार हुई। करंजाकला क्षेत्र के ही भदेठी गांव निवासी पूर्व प्रधान मोहम्मद असफाक अहमद की पत्नी फातिमा बेगम ने भी इसी प्रजाति के गेहूं की बोवाई से 25 बीघे में की थी।
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चार एकड़ केले की खेती में साढ़े 13 लाख कमाया
करंजाकला। मड़ियाहूं के भरहूपुर किसान ओमप्रकाश सिंह ने पारंपरिक खेती को छोड़कर केले की खेती की। इस वर्ष आठ एकड़ में केले की खेती किया है। बीज कृषि भवन से बीज ले गए थे। ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि जून-जुलाई माह में केले की पौध लगाई थी। कुल पांच लाख की लागत आई थी। इसमें अक्तूबर में 4 एकड़ का फल बेचने से साढ़े 13 लाख का मुनाफा हुआ है। अभी शेष 4 एकड़ की फसल शेष है।
15 फीट का गन्ना और छह फीट की लौकी
करंजाकला। किसान दिवस पर आयोजित मेलेे में किसानों ने अपनी फसलों की प्रदर्शनी लगाई। सोंधी ब्लाक के मुरलीधर यादव का 15 फीट से ऊंचा गन्ना आकर्षण का केंद्र रहा। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष अक्तूबर में खेती की थी। 25 हजार रुपये की लागत आई। एक लाख रुपये का गन्ना तैयार हुआ है। बक्शा ब्लॉक के चक पंजासन गांव के बीरबल बिंद की लौकी छह फीट ऊंची रही। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र से शिवानी लौकी का बीज मंगवाया था। दस बिस्वा में 20 पौधे लगाए थे। एक पौधे में दो सौ लौकी की पैदावार होती है। एक लौकी की लंबाई छह फीट है। इसकी बोवाई जुलाई में की थी। फरवरी तक फल देती रहेगी।
मनाई चौधरी चरण सिंह की जयंती
केराकत। कृषि विज्ञान केंद्र अमिहित पर पूर्व पीएम चौधरी चरण सिंह की 119वी जयंती मनाई गई। केंद्र के फॉर्म मैनेजर वीके सिंह, दिनेश कुमार, प्रदीप यादव, सचिन यादव, वेद प्रकाश ने पूर्व पीएम को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर कॉमर्शियल मशरूम की खेती करने वाले आशीष मौर्य, राजेंद्र कुमार एवं राम आश्रय को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। तीनों किसानों ने अपनी उन्नत खेती की जानकारी दी। संचालन प्रदीप यादव व अध्यक्षता सचिन ने की। उधर, सपा ने केंद्रीय कार्यालय पर पूर्व पीएम की जयंती को किसान सम्मान दिवस के रूप में मनाया। उनके अधूरे कार्यों को पूरा करने का संकल्प लिया। 25 दिसंबर को पंचायत चौपाल लगाकर सरकार की नीतियों का विरोध करने की रुपरेखा बनाई। कार्यक्रम में पूर्व सांसद तूफानी सरोज, पूर्व विधायक गुलाब चन्द सरोज, संजय सरोज, वरिष्ठ नेता रमाशंकर आर्य, भाईजी, सत्यनारायण चौहान, राजकुमार सरोज, डॉ सुमन यादव, सत्यनारायण यादव आदि रहे। अध्यक्षता नीरज पहलवान व संचालन संजय पाल ने किया।