विकास ने कहा कि हमने तो अपना भाई खो दिया। वह अपने छोटे से बेटे से बात करने को तरसता था। उसे देखने के लिए वीडियो कॉल करता था, लेकिन उसे दिखाया ही नहीं जाता था। यह बात उसने कोर्ट में भी कही, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।
विकास ने कहा कि मेरे भाई ने इस पूरे केस में सुप्रीम कोर्ट को भी पत्र लिखा है। मैंने रविवार की शाम फैमिली व्हाट्सअप ग्रुप में अपना एक फोटो डाला था। उसे देखकर उसने मुझे फोन किया था। कहा था कि अच्छे लग रहे हो, हमेशा ऐसे ही रहना और खुश रहा करो। यह मेरे भाई से मेरी अंतिम बातचीत थी।
अतुल ने सुसाइड नोट में लिखा, मेरी पत्नी और उसके परिवार वाले मुझे मेरे बेटे से नहीं मिलने देते। ये लोग मुझसे सिर्फ पैसे मांग रहे हैं। अब तक लाखों दे चुका हूं। मैं जितना अधिक मेहनत करूंगा और अपने काम में बेहतर होता जाऊंगा, उतना ही मुझे और मेरे परिवार को परेशान किया जाएगा। जबरन वसूली की जाएगी और पूरी कानूनी व्यवस्था मुझे परेशान करने वालों के साथ है। मेरे पैसे से मेरे दुश्मन मजबूत हो रहे हैं। मैं अपने वेतन पर जो टैक्स देता हूं, उससे पुलिस और कानूनी व्यवस्था मुझे और मेरे परिवार को परेशान करने में मदद कर रही है। अब, मेरे जाने के बाद, कोई पैसा नहीं होगा और मेरे बूढ़े माता-पिता और मेरे भाई को परेशान करने का कोई कारण नहीं होगा। मैंने भले ही अपने शरीर को नष्ट कर दिया हो, लेकिन इसने वह सब कुछ बचा लिया है जिस पर मैं विश्वास करता हूं।
अतुल ने सास निशा सिंहानिया के साथ बातचीत का एक किस्सा भी साझा किया। अतुल के मुताबिक उनकी सास ने पूछा कि अभी तक आत्महत्या क्यों नहीं की। जब अतुल ने जवाब दिया कि अगर वह मर गया तो उन्हें पैसे कैसे मिलेंगे, तो सास बोलीं तुम्हारे पिता पैसे देंगे। तुम्हारे बाद तुम्हारे माता-पिता मर जाएंगे, और तुम्हारी पत्नी को पैसे मिलेंगे।
अतुल सुभाष ने खुदकुशी से पहले सोशल मीडिया पर वीडियो का लिंक शेयर किया और एलन मस्क व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को टैग किया। उन्होंने पोस्ट में कहा, जब आप इसे पढ़ेंगे, तब तक मैं मर चुका होऊंगा। भारत में इस समय पुरुषों का कानूनी नरसंहार हो रहा है। एक मरा हुआ आदमी एलन मस्क और डोनाल्ड ट्रंप से अनुरोध कर रहा है कि वे भारत में जागृत विचारधाराओं, डीईआई से लाखों लोगों की जान बचाएं और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बहाल करें।