जौनपुर में जिला अस्पताल के बाहर छटपटाते मरीजों को ऑक्सीजन देने वाले युवक पर केस दर्ज कराने के बाद जिला अस्पताल प्रशासन के रवैए पर हर कोई आक्रोश जताता रहा। ट्वीटर, फेसबुक और सोशल मीडिया के अन्य प्लेटफार्म पर खबर के साथ सीएम, डीएम, स्वास्थ्य मंत्री को टैग कर लोग इस कार्रवाई की निंदा करते रहे। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने भी जांच कर कार्रवाई की बात कही है। जिलाधिकारी ने बताया कि इस मामले की जांच के लिए एडीएम वित्त एवं राजस्व रामप्रकाश की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। कमेटी से यथाशीघ्र जांच रिपोर्ट मांगी गई है।
अमर उजाला में प्रकाशित खबर पोस्ट करते हुए नवनीत मिश्र ने डीएम को टैग करते हुए लिखा है कि डीएम साहब ध्यान दें। मरीज की जान बचाने वाले पर मुकदमा कहां का इंसाफ है। इस पोस्ट को 304 लोगों ने कमेंट के साथ री-ट्वीट किया था। प्रेम त्रिपाठी ने लिखा कि कड़ाई हर जगह के लिए ठीक नहीं, क्योंकि नियम कानून जनहित, जान-माल की रक्षा के लिए होते हैं, न कि नियम-कानून के लिए आम आदमी की जान होती है। उन्होंने यूपी गवर्नमेंट को भी टैग किया है। अनुराग मिश्र ने इस कार्रवाई के लिए सरकार को आड़े हाथों लेते हुए शीघ्र मुकदमा वापस लेने की भी मांग की है।