किसानों के सामने अपना उत्पाद तैयार करके उसका उचित मूल्य प्राप्त करने की सबसे बड़ी चुनौती होती है। लेकिन जनपद की संध्या ने भी ठान लिया कि वह अपने उत्पाद न केवल यहां बल्कि राष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाएंगी। इसके लिए संध्या सिंह ने एफपीओ तैयार किया है। इनके प्रमुख उत्पाद देसी घी व अचार के दीवाने महानगर के लोग भी हैं। हर माह उत्पादों को अच्छा खासा आर्डर मिल रहा है। इन्होंने अपने घरेलू उत्पाद को राष्ट्रीय बाजार में पहुंचाने के लिए ऑनलाइन शापिंग माध्यम पर भी रजिस्ट्रेशन करा रखा है। जिले के केराकत सरौनी पूरबपट्टी निवासी संध्या सिंह पिछले 15 साल से समूह बनाकर किसानों के उत्पादों की बिक्री करती थी।
इस बाबत नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक लल्लन कुमार ने बताया कि संध्या सिंह एफपीओ के माध्यम से बेहतर प्रयास कर रही हैं। इन्होंने एक हजार महिलाओं व पुरुषों को जोड़कर रखा है। सालाना 72 लाख रुपये का टर्न ओवर है।
यह है एफपीओ :-
खेती-किसानी के क्षेत्र में उभरने वाली इस सफलता का श्रेय किसान उत्पादक संगठन (फर्म प्रोड्यूसर आर्गेनाइजेशन) को भी जाता है। यह किसानों के उत्पाद का उचित मूल्य दिलाने का प्रयास भी करती हैं। यह किसानों की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करती है। इसका गठन विभिन्न किसानों के समूहों को मिलाकर किया जाता है।